छत्तीसगढ़

CG : चूल्हे-चौके से ‘लखपति दीदी’ तक सारंगढ़ की शशिकला ने आटा चक्की से बदली अपनी तकदीर

रायपुर, जब हौसलों में उड़ान हो और सरकार की योजनाओं का साथ मिल जाए, तो गाँव की पगडंडियों से निकलकर भी कामयाबी का आसमान छुआ जा सकता है।

    यह कोई फिल्मी कहानी नहीं, बल्कि सारंगढ़-बिलाईगढ़ की शशिकला साहू के संघर्ष और स्वाभिमान की वो दास्ताँ है, जिसने आज उन्हें इलाके की सैकड़ों महिलाओं के लिए एक रोल मॉडल बना दिया है।

जब मंच से गूंजी एक लखपति दीदी की हुंकार

भीखमपुरा के सुशासन शिविर में उस वक्त सन्नाटा खिंच गया, जब बिलाईगढ़ क्षेत्र की शशिकला साहू मंच पर माइक थामकर खड़ी हुईं। उनकी आँखों में कल का संघर्ष भी था और आज की कामयाबी की चमक भी। उन्होंने जब अपनी कहानी बयां करना शुरू किया, तो पंडाल में बैठी हर महिला की आँखें उम्मीद से चमक उठीं। शशिकला ने बेहद गर्व से कहा कि महिलाएं सिर्फ घर संभालने के लिए नहीं बनीं, अगर उन्हें अवसर मिले तो वे पूरे समाज और देश की प्रगति का इंजन बन सकती हैं। अपनी इस कामयाबी के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का आभार जताते हुए कहा कि आज राज्य सरकार की योजनाएं ग्रामीण महिलाओं के पैरों की बेड़ियां काटकर उन्हें पंख दे रही हैं।

तंगी का वो दौर और बिहान का सहारा

कुछ साल पहले तक शशिकला की जिंदगी इतनी आसान नहीं थी। घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। सुबह उठने के साथ ही सबसे बड़ी चिंता यही होती थी कि घर का खर्च कैसे चलेगा। लेकिन शशिकला हार मानने वालों में से नहीं थीं।

साल 2019 में उनकी जिंदगी में एक नया सवेरा हुआ, जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन यानी बिहान से जुड़ीं। समूह में कदम रखते ही उन्हें समझ आ गया कि बूंद-बूंद से ही घड़ा भरता है। उन्होंने छोटी-छोटी बचत शुरू की और अपने पैरों पर खड़े होने का सपना बुनने लगीं।

एक लाख का कर्ज और आटे की चक्की से क्रांति

      शशिकला ने हिम्मत जुटाई और बैंक से 1 लाख रुपये का लोन लेकर एक छोटी सी आटा चक्की शुरू की। शुरुआत में लोगों को लगा कि एक महिला चक्की कैसे चलाएगी? लेकिन शशिकला ने दिन-रात एक कर दिया। चक्की की खट-खट की आवाज के साथ उनकी किस्मत का पहिया भी घूमने लगा। व्यवसाय बढ़ा, आमदनी हुई, और शशिकला ने सबसे पहला काम बैंक कर्ज पुर चुकता किया।

उड़ान अभी बाकी थी : बन गईं मल्टी-टास्किंग बिजनेस वुमन

      एक बार जब सफलता का स्वाद चख लिया, तो शशिकला के सपने और बड़े हो गए। उन्होंने अब सिर्फ गेहूं पीसने तक सीमित रहने से इंकार कर दिया। उन्होंने क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) से 2 लाख रुपये का एक और लोन लिया।

      इस बार वे और बड़े विजन के साथ मैदान में उतरीं। उन्होंने दाल, गेहूं और दलहन-तिलहन की अलग-अलग प्रोसेसिंग यूनिट्स और आधुनिक मशीनें खरीद लीं। जो शशिकला कभी सिर्फ एक घरेलू महिला थीं, आज वे एक पूरी प्रोसेसिंग यूनिट की मालकिन बन चुकी थीं। शशिकला ने एक लाख रुपए का पहला ऋण लिया। कारोबार के विस्तार के लिए 2 लाख के अतिरिक्त लोन से नई मशीनें खरीद कर हर महीने करीब 15 हज़ार रुपए की शुद्ध बचत कर रही है,सालाना 1.5 लाख रुपए से अधिक का मुनाफा काम रही है, जिसने उन्हें  लखपति दीदी बनाया।

बदलाव की नई इबारत

      छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों में शशिकला साहू जैसी लखपति दीदी आज महिला सशक्तिकरण की वो जीती-जागती मिसाल हैं, जो यह साबित करती हैं कि ग्रामीण भारत बदल रहा है। कल तक जो हाथ सिर्फ मदद मांगते थे, आज वे मशीन की कमान संभालकर अपने पूरे परिवार को एक बेहतर भविष्य दे रहे हैं। शशिकला की यह कहानी हर उस महिला के लिए एक प्रेरणा है जो अपनी किस्मत खुद लिखना चाहती है।

kgnews

Recent Posts

युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सहभागिता को मिलेगा बढ़ावा

युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और सामुदायिक सहभागिता को मिलेगा बढ़ावा

रायपुर स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय, अंबिकापुर (सरगुजा) और मुहिम फाउंडेशन फॉर पार्टिसिपेटरी…

6 hours ago
यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात

यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात

रायपुर, यूपीएससी 2025 के छत्तीसगढ़ टॉपरों ने वित्त मंत्री  ओपी चौधरी से की सौजन्य मुलाकात…

6 hours ago
वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण से सशक्त बनेंगी पशु सखियाँ

वैज्ञानिक पशुपालन प्रशिक्षण से सशक्त बनेंगी पशु सखियाँ

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत जशपुर जिले में पशु सखियों को…

6 hours ago
सड़क नहीं बनी तो गड्ढों में उगा दी धान, सूरजपुर में ग्रामीणों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

सड़क नहीं बनी तो गड्ढों में उगा दी धान, सूरजपुर में ग्रामीणों का अनोखा विरोध प्रदर्शन

बिश्रामपुर नगर से लगे सरस्वतीपुर-रामनगर-सूरजपुर मार्ग की बदहाल स्थिति से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार…

6 hours ago
माँ बनभौरी धाम में नतमस्तक हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

माँ बनभौरी धाम में नतमस्तक हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

रायपुर माँ बनभौरी धाम में नतमस्तक हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल पर्यटन, संस्कृति,…

6 hours ago
मध्यप्रदेश की धरती पर निवेशकों का स्वागत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश की धरती पर निवेशकों का स्वागत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति…

6 hours ago