दंतेवाड़ा. कटेकल्याण में प्रशासनिक अनुशासन पर सवाल तब खड़े हो गए, जब महिला तहसीलदार की सरकारी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई. घटना के वक्त तहसीलदार वाहन में मौजूद नहीं थीं, लेकिन कार पर उनका नाम लिखा हुआ था. हादसा अंबेडकर पार्क के पास हुआ, जहां गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई. मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि चालक और प्यून नशे की हालत में थे.
पूछताछ में दोनों ने बस स्टैंड के पास महुआ शराब पीने की बात स्वीकार की. नशे में वाहन चलाने से नियंत्रण बिगड़ा और दुर्घटना हुई. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. सरकारी वाहन के दुरुपयोग का मामला भी जांच के दायरे में है. यह घटना प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करती है.
सरकारी गाड़ी का निजी और गैरकानूनी इस्तेमाल उजागर हुआ है. अब देखना होगा कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है. फिलहाल मामला जांचाधीन है और प्रशासन की चुप्पी चर्चा में है.
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