कूनो
मध्य प्रदेश में चीता प्रोजेक्ट में चीतों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। अब तेजस नाम के चीता की मौत हो गई। इससे पहले तीन चीता और तीन शावक भी दम तोड़ चुके हैं। तेजस की मौत से अब और हड़कंप मच गया हैं। बताया गया कि मंगलवार की सुबह कूनो नेशनल पार्क में मॉनिटरिंग टीम को नर चीता तेजस घायल अवस्था में मिला था। उसके गले में चोट के निशान थे। बड़ा घाव था। चीता एक्सपर्ट चिकित्सकों ने बाड़े से निकालकर उसका इलाज शुरू किया। तभी उसने दम तोड़ दिया।

मॉनिटरिंग टीम के हवाले से जारी हुए बयान में दावा किया गया है कि सुबह 11 बजे नर चीता तेजस बेहोशी की हालत में मिला था। चोटों का मुआयना करने के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था। लगभग तीन घंटे बाद 2 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की सही वजह क्या है, इसका खुलासा पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। फिलहाल एक बार फिर कूनो में चीतों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

दक्षिण अफ्रीका के नामीबिया से अलग-अलग खेप में यहां आए चीतों में से अब तक 4 चीतों और 3 शावकों की मौत हो चुकी है। इसमें से 6 साल का चीता 'उदय' की अप्रैल में मौत हुई थी। उससे पहले चीता 'साशा' ने दम तोड़ दिया था। 9 मई को मादा चीता दक्षा की मौत हो गई थी। नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया था. इनमें से तीन शावकों की मौत हो चुकी हैं।

17 सितंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर नामीबिया से आए 8 चीतों को कूनो नेशनल पार्क में रिलीज किया था. इस साल 18 फरवरी को साउथ अफ्रीका से 12 और चीतों को कूनो में छोड़ा गया था. यानी कुल मिलाकर नामीबिया और साउथ अफ्रीका से 20 चीते लाए गए थे। अब कूनो में सिर्फ 16 चीते बचे हैं।
 

By kgnews

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