भोपाल
मध्य प्रदेश में बर्फीली हवाओं के कारण ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। खासकर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, और जबलपुर जैसे शहरों में सर्दी का असर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। भोपाल में रिकॉर्ड ठंड दर्ज की गई है। सोमवार रात में भोपाल का न्यूनतम तापमान 7.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह पिछले दो वर्षों का सबसे कम तापमान रहा है।

प्रदेश के अन्य शहरों का हाल:
इंदौर: 8.7 डिग्री
ग्वालियर: 8.5 डिग्री
उज्जैन: 10 डिग्री
जबलपुर: 7 डिग्री
पचमढ़ी: सबसे ठंडा, 3.5 डिग्री

इसके साथ ही मौसम विभाग ने कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। 11 से 13 दिसंबर के बीच धार, गुना, और अशोकनगर में कोल्ड वेव की संभावना है। उत्तरी एमपी (ग्वालियर, चंबल और उज्जैन संभाग) में सर्द हवाओं का सबसे ज्यादा असर रहने की उम्मीद जताई गई है।

जेट स्ट्रीम और बर्फबारी का प्रभाव
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में बर्फबारी से एमपी में ठिठुरन बढ़ी है। जेट स्ट्रीम हवाएं 277 किमी/ प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं, जिससे ठंड तेज हो गई है।

आने वाले 48 घंटे का अनुमान
दिन और रात के तापमान में और गिरावट होने की संभावना है। रात का पारा 2-3 डिग्री और गिर सकता है।

दिसंबर की ठंड का रिकॉर्ड:
भोपाल में दिसंबर में ठंड का ट्रेंड तेज होता है।  11 दिसंबर 1966 को पारा 3.1 डिग्री पर पहुंचा था, जो अब तक का रिकॉर्ड है। 2021 में तापमान 3.4 डिग्री तक गिरा था। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़े पहनें। घर से बाहर निकलने पर कान और गले को ढंकें। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में ठंड का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा, और कोल्ड वेव की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *