देवास
 जिले के खातेगांव में अक्टूबर 2021 में एक दस साल की बालिका की दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस जघन्य अपराध के बाद खातेगांव के लोगों में खासा आक्रोश था। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर भादवि की धारा 302,376,377,201 एवं पाक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपित नरेंद्र उर्फ गाेलू पुत्र भेरुसिंह निवासी बरछा बुजुर्ग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

आरोपित मिस्त्री का काम करता था, उसने दुष्कर्म के बाद गमछे से बालिका की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। साक्ष्य छुपाने के लिए उसने शव को सीमेंट की बोरियों में भरकर छिपा दिया था। इसके बाद लाेगाें काे धाेखा देने के लिए स्वयं भी पुलिस के साथ बालिका को ढूंढने का नाटक कर रहा था। हालांकि बाद में पुलिस के हाथ आराेपित तक पहुंच गए और उसकाे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में गुरुवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम खातेगांव न्यायाधीश सरिता माधवानी ने आरोपित नरेंद्र उर्फ गोलू पुत्र भेरुसिंह निवासी बरछा बुजुर्ग को फांसी की सजा सुनाई है। प्रकरण की विवेचना टीआइ महेंद्र परमार द्वारा की गई थी। पुलिस अधीक्षक डा. शिवदयाल सिंह द्वारा प्रकरण की विवेचना की लगातार मानीटरिग की गई थी। साथ ही अभियोजन अधिकारियों से सलाह के बाद प्रकरण के प्रत्येक बिंदुओं की बारीकी से विवेचना की गई और आराेपित के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया था। प्रकरण को चिन्हित रखकर लगातार मानीटरिग के फलस्वरूप आरोपित को फांसी की सजा सुनाई गई। पुलिस अधीक्षक डा. शिवदयाल सिंह द्वारा संपूर्ण खातेगांव पुलिस टीम को नकद इनाम से पुरस्कृत करने की घोषणा की है। वहीं फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद बच्ची के माता-पिता और गांव के लाेगाें का भी आक्राेश कम हाे गया है।

By kgnews

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