डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, इंदौर में IT पार्क और भोपाल में AI-रेडी डेटा सेंटर की तैयारी

 इंदौर
 एक समय उद्योगों की पहचान कारखानों की चिमनियों से होती थी। अब डिजिटल अर्थव्यवस्था के दौर में विकास की रफ्तार डाटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और आइटी सेवाएं तय कर रही हैं। यही वजह है कि मध्य प्रदेश भी अपनी औद्योगिक रणनीति बदल रहा है।

राज्य सरकार की नई योजना में भोपाल को बड़े डाटा सेंटर और डिजिटल अधोसंरचना का केंद्र, जबकि इंदौर को आईटी, स्टार्टअप, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और नवाचार के केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर है। इस रणनीति को सरल भाषा में समझें तो कहा जा सकता है कि यदि डिजिटल अर्थव्यवस्था एक शरीर है, तो इंदौर उसका ‘दिमाग’ होगा, जहां नए समाधान और तकनीकें विकसित होंगी, जबकि भोपाल उसकी ‘याददाश्त’ बनेगा, जहां विशाल डिजिटल डाटा सुरक्षित रहेगा।

यह बदलाव केवल नई परियोजनाओं का नहीं, बल्कि औद्योगिक सोच में आए परिवर्तन का संकेत है। पहले निवेश का मतलब नई फैक्ट्री, उत्पादन इकाई या औद्योगिक प्लांट होता था। अब निवेश की नई सूची में डाटा सेंटर, एआइ, क्लाउड सेवाएं, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर शामिल हो चुके हैं। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां अब ऐसे शहर तलाश रही हैं, जहां मजबूत डिजिटल अधोसंरचना और प्रशिक्षित मानव संसाधन दोनों उपलब्ध हों।

भोपाल में प्रस्तावित एआइ-रेडी डाटा सेंटर प्रदेश की डिजिटल रीढ़ बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यहां विशाल सर्वर नेटवर्क, क्लाउड सेवाएं और डाटा स्टोरेज जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। दूसरी ओर इंदौर में आइटी पार्क, स्टार्टअप इकोसिस्टम, एआइ आधारित नवाचार और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर विकसित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य केवल साफ्टवेयर सेवाएं देना नहीं, बल्कि नई तकनीकों का विकास और वैश्विक कंपनियों के लिए नवाचार का केंद्र बनना है।

यह होता है डाटा सेंटर?

    यदि फैक्ट्री भौतिक उत्पाद बनाती है, तो डाटा सेंटर डिजिटल दुनिया को संचालित करता है। बैंकिंग लेनदेन, यूपीआइ, अस्पतालों के डिजिटल रिकार्ड, सरकारी पोर्टल, ओटीटी प्लेटफार्म, इंटरनेट मीडिया और एआइ मॉडल का विशाल डाटा ऐसे ही केंद्रों में सुरक्षित रहता है।

    एआई के तेजी से बढ़ते उपयोग के साथ डाटा संग्रहण और प्रोसेसिंग की जरूरत कई गुना बढ़ रही है इसलिए डाटा सेंटर अब नई डिजिटल अर्थव्यवस्था का आधार बन चुके हैं।

डाटा सेंटर की सबसे बड़ी जरूरतें

    बिजली, फाइबर नेटवर्क, कूलिंग सिस्टम, साइबर सुरक्षा, कुशल इंजीनियर

मध्य प्रदेश की ताकत

    भौगोलिक स्थिति, बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक नीति, आईटी इकोसिस्टम, स्किल्ड मैनपावर

 

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

महादेव बेटिंग ऐप मामले में ED का बड़ा एक्शन, एबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार

महादेव बेटिंग ऐप मामले में ED का बड़ा एक्शन, एबिक्स चेयरमैन विकास गर्ग दिल्ली से गिरफ्तार

रायपुर  महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन…

24 minutes ago
उप निर्वाचन का कार्य निष्पक्षता व गंभीरता के साथ करें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा

उप निर्वाचन का कार्य निष्पक्षता व गंभीरता के साथ करें : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झा

विधानसभा उप निर्वाचन दतिया उप निर्वाचन का कार्य निष्पक्षता व गंभीरता के साथ करें :…

43 minutes ago
CG में बारिश थमते ही खेती पर असर, बोवनी और रोपाई का काम हुआ प्रभावित

CG में बारिश थमते ही खेती पर असर, बोवनी और रोपाई का काम हुआ प्रभावित

राजनांदगांव. जिले में पिछले एक सप्ताह से बारिश थमने के कारण खेती-किसानी की रफ्तार प्रभावित…

57 minutes ago
ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम :…

1 hour ago
सहकारिता विभाग में 613 पदोन्नति

सहकारिता विभाग में 613 पदोन्नति

सहकारिता विभाग में 613 पदोन्नति भोपाल सहकारिता विभाग में पदोन्नति नियम 2025 के तहत 15…

1 hour ago