भोपाल
कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने प्रदेश के सभी शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के संयुक्त संचालकों, प्राचार्यों एवं विभागीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक कर आगामी प्रवेश सत्र, प्रशिक्षण गुणवत्ता, परीक्षाओं की तैयारियों तथा रोजगार एवं प्लेसमेंट गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में संचालक कौशल विकास संचालनालय बसंत कुर्रे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी एमपीएसएसडीईजीबी गिरीश शर्मा भी उपस्थित रहे।
बैठक में मंत्री टेटवाल ने एसएसआर ग्लोबल स्किल्स पार्क के उन प्रशिक्षणार्थियों के अभिभावकों से संवाद किया, जिनका चयन प्रतिष्ठित औद्योगिक समूह एसआरएफ लिमिटेड की अंतर्राष्ट्रीय इकाई में हुआ है। जुलाई 2024 बैच के तीन प्रशिक्षणार्थी वर्तमान में कंपनी की हंगरी स्थित इकाई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। मंत्री टेटवाल ने इसे मध्यप्रदेश की कौशल विकास व्यवस्था की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। उन्होंने चयनित प्रशिक्षणार्थियों एवं उनके परिवारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
मंत्री टेटवाल ने कहा कि प्रदेश में कौशल विकास को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष संचालित “चलो आईटीआई अभियान” के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे और उपलब्ध सीटों पर 95 प्रतिशत से अधिक प्रवेश सुनिश्चित हुए थे। इस वर्ष प्रदेश के आईटीआई संस्थानों में लगभग 55 हजार से अधिक सीटें उपलब्ध हैं तथा लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में और अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का है। इसको भी शत-प्रतिशत प्राप्त किया जाए।
मंत्री टेटवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईटीआई में उपलब्ध रोजगार, स्वरोजगार, अप्रेंटिसशिप एवं उच्च शिक्षा के अवसरों की जानकारी युवाओं और अभिभावकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए। साथ ही सफल प्रशिक्षणार्थियों की प्रेरक कहानियों को व्यापक स्तर पर प्रचारित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक युवा तकनीकी एवं कौशल शिक्षा की ओर आकर्षित हों।
बैठक में आगामी एनसीवीटी एवं एससीवीटी परीक्षाओं की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री टेटवाल ने प्रशिक्षण अधिकारियों से कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तथा परीक्षा पूर्ण होने के बाद प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को रोजगार, अप्रेंटिसशिप, उच्च शिक्षा अथवा ग्लोबल स्किल्स पार्क जैसी उन्नत प्रशिक्षण व्यवस्थाओं से जोड़ने के लिए संस्थागत स्तर पर विशेष प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण का उद्देश्य युवाओं को आत्मनिर्भर एवं रोजगार सक्षम बनाना है और इस दिशा में सभी संस्थानों को परिणाम आधारित कार्यप्रणाली अपनानी होगी।
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