उज्जैन
महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में भक्तों को भोजन कराने वाले दानदाताओं को मंदिर समिति नि:शुल्क भस्म आरती दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराने जा रही है। ऐसे में दानदाता को पुण्य अर्जन के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन का लाभ भी मिलेगा।
अगर दानदाता उज्जैन से बाहर के हैं, तो उन्हें ठहरने के लिए महाकालेश्वर अतिथि निवास में नि:शुल्क कमरों की सुविधा भी मिलेगी। दानदाता को इस प्रकार की सुविधा पहली बार मिलने जा रही है।
क्या सीएम डॉ. मोहन यादव का सपना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा है कि देश के अन्य प्रमुख मंदिरों की तरह महाकाल मंदिर का अन्नक्षेत्र भी अत्याधुनिक व सर्वसुविधा युक्त हो, ताकि अधिक से अधिक भक्त यहां भोजन प्रसादी का लाभ ले सकें।
व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी वरिष्ठ समाजसेवी सुरेंद्रसिंह अरोरा को दी गई है। उन्होंने अधिकारियों के साथ मिलकर व्यवस्था में सुधार का व्यापक प्लान तैयार किया है।
बुधवार को कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने अरोरा की मौजूदगी में मंदिर प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान में प्रतिदिन तीन से चार हजार भक्त अन्नक्षेत्र में भोजन कर रहे हैं।
एक माह में यह संख्या बढ़ाकर दस हजार करना है। अन्नक्षेत्र का संचालन दानदाताओं के सहयोग से होता है। दानदाता अन्नक्षेत्र में दान करें, इसके एवज में उन्हें भस्म आरती दर्शन व रहने ठहरने की सुविधा भी मिलना चाहिए।
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अभी यह हो रहा
फिलहाल अन्नक्षेत्र में एक समय भोजन कराने के लिए दानदाता को 25 हजार रुपये का दान देना होता है। दानदाता भोग की थाली लेकर मंदिर में जाते हैं तथा उनकी मौजूदगी में पुजारी भगवान को भोग लगाते हैं।
नई योजना में यह खास
अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने का ठेका प्राइवेट फर्म को दिया जाएगा।
भोजन प्रसादी की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा, जिसकी आवश्यकता है।
भक्तों को प्रथम व द्वितीय तल पर बैठ कर भोजन करने के साथ बुफे की सुविधा भी मिलेगी।
अन्नक्षेत्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर लगाए जाएंगे।
महाप्रसादी के लिए कूपन वितरण की नई व्यवस्था होगी। अभी यह व्यवस्था ठीक नहीं चल रही।
यह भी होगा
देश के किसानों से अन्नक्षेत्र में गेहूं, चावल, दाल, सब्जी आदि दान करने के लिए अनुरोध किया जाएगा।
एक दानदाता ने अन्नक्षेत्र में भोजन बनाने तथा भोजन पराेसने के लिए नि:शुल्क बर्तन दान किए हैं।
अन्नक्षेत्र में लगी मशीनों के सुधार दानदाता के सहयोग से किया जा रहा है। आगे भी सहयोग लिया जाएगा।
कलेक्टर ने ये निर्देश भी दिए
कलेक्टर ने मंदिर के अधिकारियों को अन्नक्षेत्र का बैंक खाता अलग करने के निर्देश दिए।
अन्नक्षेत्र का आय, व्यय पत्रक भी अलग से बनेगा। इस व्यवस्था से व्यवस्था के संचालन में पारदर्शिता रहेगी।
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