कृषि उपज मंडी करोंद में प्रधानमंत्री श्री मोदी के कार्यक्रम का हुआ लाइव प्रसारण
भोपाल
किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के उददेश्य से "प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना", दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिये "नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग" का शुभारम्भ किया जाना भारत सरकार की नई पहल है। मंत्री श्री कंषाना ने यह बात कृषि उपज मंडी करोंद के प्रांगण में आयोजित प्रधानमंत्री के लाइव कार्यक्रम के दौरान कही। प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किसान भाई-बहनों को 42 हजार करोड़ से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया गया।
कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना भारत सरकार की एक नई पहल है जो किसानों को आर्थिक एवं तकनीकी रूप से सशक्त कर कृषि उत्पादकता एवं ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा देगी। इस योजना के तहत 100 आकांक्षी जिलों को सम्मिलित कर किसानों को वित्तीय सहायता, तकनीकी प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच प्रदान की जायेगी। इसी के साथ भारत संकल्पित है कि दलहन उत्पादन में भारत आत्मनिर्भरता प्राप्त करे। हमें दलहनों के लिये किसी पर निर्भर न होना पड़े। अभी वर्तमान में दाल उत्पादन 24.2 मिलियन टन है जिसे बढ़ाकर आगामी पांच सालों में पैंतीस मिलियन टन करना है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार भी प्रधानमंत्री का संकल्प पूरा करने के लिये वचनबद्ध है।
कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश के समस्त जिलों में इस मिशन को लागू कर आत्मनिर्भरता के उददेश्य की पूर्ति के लिए अरहर, उड़द एवं मसूर जैसी फसलों को प्राथमिकता के आधार पर बढ़ावा दिया जायेगा। सरकार इन उत्पादित फसलों को शत- प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जैविक खेती के क्षेत्र में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन प्रारंभ किया गया है। मिशन का उददेश्य सभी के लिये सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के साथ प्राकृतिक खेती को बढावा देना है। इस मिशन के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश को 1513 क्लस्टर में 75000 हैक्टेयर भूमि को सम्मिलित करते हुये 189125 किसानों को लाभांवित किया जा रहा है। इस मिशन के अंतर्गत प्रत्येक किसान को चार हजार रूपये प्रति एकड़ अनुदान प्रदान किया जायेगा। इसी के साथ मध्यप्रदेश सरकार द्वारा भारत सरकार की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025 में सोयाबीन खरीदी हेतु भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। डबल इंजन की सरकार किसानों के चहुंमुखी विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
कार्यक्रम में महापौर श्रीमती मालती राय, कृषि सभापति श्री अशोक मीणा सम्राट, अध्यक्ष अनाज मंडी समिति श्री हरीश ज्ञानचंदानी, जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और किसान भाई- बहन उपस्थित थे।
सूरजपुर/ रायपुर. प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन तथा प्रधान मुख्य…
रायपुर. उप मुख्यमंत्री अरुण साव किरंदुल में तहसील साहू संघ द्वारा आयोजित कर्मा महोत्सव, नवीन…
बीएमएचआरसी में 12 किलो के जटिल ओवरी ट्यूमर की सफल सर्जरी -बड़ी आंत, पेशाब की…
दंतेवाड़ा. पश्चिम एशिया में उपजे मौजूदा संकट और उससे उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए छत्तीसगढ़…
उप मुख्यमंत्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी मिशन अमृत के…
नैनो उर्वरकों से खेती बन रही अधिक लाभकारी, किसानों को मिल रहे बेहतर परिणाम कम…