सोने की कीमतों में हल्की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। हालांकि, फेड फैसले से पहले बाजार में ठहराव दिख रहा है—अब आगे क्या होगा?
इस हफ्ते की शुरुआत में सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली। सोमवार को जून डिलीवरी वाला सोना 823 रुपये गिरकर 1,51,876 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, दिन के दौरान इसका हाई 1,53,008 रुपये और लो 1,51,843 रुपये रहा। हालांकि, यह गिरावट बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन निवेशकों की नजरें अब आने वाले ट्रेंड पर टिक गई हैं।
दरअसल, मौजूदा उतार-चढ़ाव बाजार में अनिश्चितता को दर्शाता है। इसके साथ ही, मिडिल ईस्ट तनाव और ग्लोबल संकेत भी कीमतों पर असर डाल रहे हैं।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एक्सपर्ट मानव मोदी के अनुसार, सोने की कीमतें फिलहाल एक सीमित दायरे में घूम रही हैं। उन्होंने बताया कि कीमतें 1,58,000 से 1,60,000 रुपये के सप्लाई जोन के पास अटकी हुई हैं।
इसके अलावा, चार्ट पर ट्रायंगल पैटर्न बन रहा है, जो संकेत देता है कि जल्द ही बड़ा ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। इसलिए, निवेशकों को आने वाले दिनों में सतर्क रहना चाहिए।
फिलहाल बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि, कुछ अहम स्तरों पर टिके रहना जरूरी है:
| लेवल | कीमत |
|---|---|
| सपोर्ट 1 | ₹1,50,500 |
| सपोर्ट 2 | ₹1,48,500 |
| रेसिस्टेंस 1 | ₹1,55,500 |
| रेसिस्टेंस 2 | ₹1,58,000 |
यदि कीमत ₹1,50,500 के नीचे जाती है, तो गिरावट और तेज हो सकती है। वहीं, अगर सोना ₹1,58,000 के ऊपर टिकता है, तो तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर सोना ₹1,58,000 के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो यह एक मजबूत अपट्रेंड की शुरुआत होगी। इसके बाद कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर छू सकती हैं।
हालांकि, दूसरी ओर अगर कीमत ₹1,48,500 के नीचे फिसलती है, तो बाजार में मंदी का दबाव बढ़ सकता है। इसलिए, निवेशकों को दोनों परिस्थितियों के लिए तैयार रहना चाहिए।
इस हफ्ते ग्लोबल मार्केट में कई बड़े फैसले होने वाले हैं। सबसे पहले, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर नजर रहेगी। इसके अलावा, बैंक ऑफ जापान और यूरोपियन सेंट्रल बैंक की नीतियां भी बाजार को प्रभावित करेंगी।
साथ ही, अमेरिका के GDP डेटा, महंगाई दर और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस जैसे आंकड़े भी सोने की दिशा तय करेंगे। इसलिए, फिलहाल बाजार किसी बड़े मूव से पहले इंतजार करता नजर आ रहा है।
ऐसे समय में जल्दबाजी से बचना जरूरी है। हालांकि, अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो गिरावट में खरीदारी का मौका मिल सकता है। वहीं, शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सपोर्ट और रेसिस्टेंस लेवल्स पर खास ध्यान देना चाहिए।
इसके अलावा, ग्लोबल संकेतों और फेड के फैसले पर नजर रखना बेहद जरूरी रहेगा।
| FAQ | Answer |
|---|---|
| क्या अभी सोना खरीदना सही है? | अगर आप लॉन्ग टर्म निवेशक हैं, तो गिरावट में खरीदारी एक अच्छा मौका हो सकता है। |
| सोने का अगला टारगेट क्या है? | ₹1,58,000 के ऊपर जाने पर तेजी और ₹1,48,500 के नीचे गिरावट बढ़ सकती है। |
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