हवन कुंड, संस्कृत श्लोक और मूर्तियां…’, हिंदू पक्ष ने गिनाए मंदिर होने के सबूत, धार भोजशाला केस में सुनवाई

 धार

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच में धार की विवादित भोजशाला को लेकर नियमित सुनवाई शुरू हुई. जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की डिवीजन बेंच के सामने हिंदू पक्ष ने कड़ा तर्क दिया कि यह स्मारक कभी मस्जिद था ही नहीं, बल्कि यह राजा भोज द्वारा निर्मित वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर है। 

'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के वकील विष्णु शंकर जैन ने दलील दी, ''ASI की वैज्ञानिक सर्वेक्षण रिपोर्ट साफ बताती है कि वर्तमान ढांचा मंदिर के अवशेषों और स्तंभों का दोबारा इस्तेमाल करके बनाया गया है। 

परिसर में आज भी संस्कृत श्लोकों वाले शिलालेख, हवन कुंड, मंडप और हिंदू देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां मौजूद हैं. यह ढांचा 1034 ईस्वी में परमार राजा भोज ने बनाया था. आक्रमणकारियों ने प्रतीकों को मिटाने के बावजूद मूल चरित्र आज भी जीवंत है। 

ASI के नियमों के अनुसार, किसी भी संरक्षित स्मारक का मूल धार्मिक स्वरूप बदला नहीं जा सकता, इसलिए यहां सिर्फ हिंदुओं को पूजा का अधिकार मिलना चाहिए। 

मुस्लिम पक्ष का विरोध और आपत्तियां
तकरीबन 2 घंटे तक चली सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे एक वकील ने अनुरोध किया कि हिंदू समुदाय की याचिका के समर्थन में पेश किए गए सभी दस्तावेजों की प्रतियां उन्हें भी उपलब्ध कराई जाएं।

हाई कोर्ट ने इस अनुरोध को मंजूर करते हुए मौखिक रूप से कहा कि दलीलें पूरी होने के बाद, इस मामले से जुड़े सभी पक्ष अपनी आपत्तियां पेश कर सकते हैं, जिन पर कोर्ट विचार करेगा. डिवीजन बेंच ने कहा कि वह मंगलवार को भी इस मामले की सुनवाई जारी रखेगी। 

क्या कहती है ASI की रिपोर्ट?
बता दें कि हाई कोर्ट के आदेश के बाद ASI ने दो साल पहले विवादित परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था और एक रिपोर्ट पेश की थी. 2000 से ज्यादा पन्नों की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मस्जिद से पहले, धार के परमार राजाओं के शासनकाल का एक विशाल ढांचा वहां मौजूद था और मौजूदा विवादित ढांचा मंदिर के ही हिस्सों का दोबारा इस्तेमाल करके बनाया गया था। 

यह ध्यान देने लायक बात है कि परमार राजाओं ने 9वीं सदी से लेकर 400 सालों तक मध्य-पश्चिमी भारत के मालवा के आस-पास के एक बड़े इलाके पर राज किया था। 

मुस्लिम पक्ष का विरोध और आपत्तियां
मुस्लिम पक्ष ने ASI के सर्वेक्षण पर सवाल उठाए हैं और हिंदू पक्ष के इस दावे को खारिज कर दिया है कि भोजशाला परिसर असल में एक मंदिर था। 

इसके अलावा, मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि ASI ने उनकी पिछली आपत्तियों को नजरअंदाज किया और सर्वेक्षण में विवादित परिसर के अंदर 'चोर दरवाजजे से रखी गई चीजों' को भी शामिल कर लिया। 

ASI के 7 अप्रैल 2003 के आदेश के मुताबिक, हिंदुओं को हर मंगलवार को इस परिसर में पूजा करने की इजाजत है, जबकि मुसलमानों को शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति है। 

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

डिजिटल दीदी पूनम खेल-खेल में संवार रही नौनिहालों का भविष्य

डिजिटल दीदी पूनम खेल-खेल में संवार रही नौनिहालों का भविष्य

डिजिटल दीदी पूनम खेल-खेल में संवार रही नौनिहालों का भविष्य भोपाल  डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही…

32 minutes ago
ग्रीष्म काल में स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सतर्क

ग्रीष्म काल में स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सतर्क

ग्रीष्म काल में स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सतर्क  दूरस्थ गांवों…

1 hour ago
धार से CM का बड़ा ऐलान, भोजशाला में बनेगा ‘सरस्वती लोक’

धार से CM का बड़ा ऐलान, भोजशाला में बनेगा ‘सरस्वती लोक’

धार  स्‍थानीय मोतीबाग चौक में आयोजित विशाल आमसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा…

1 hour ago
लाल किला मैदान में गूंजा जनजातीय गौरव, CM साय बोले- प्रकृति संग विकास आदिवासी समाज की पहचान

लाल किला मैदान में गूंजा जनजातीय गौरव, CM साय बोले- प्रकृति संग विकास आदिवासी समाज की पहचान

रायपुर  देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला मैदान में  जनजातीय अस्मिता, सांस्कृतिक गौरव…

1 hour ago
पूर्व आबकारी आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत, राहत के साथ लगीं शर्तें

पूर्व आबकारी आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत, राहत के साथ लगीं शर्तें

रायपुर  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार 25 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन…

2 hours ago
गढ़चिरौली में माओवादियों की गुप्त हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, जंगल में जमीन के नीचे छिपा था जखीरा

गढ़चिरौली में माओवादियों की गुप्त हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़, जंगल में जमीन के नीचे छिपा था जखीरा

रायपुर  नक्सल मोर्चे पर मुस्तैद सुरक्षा बलों को माओवादियों के खिलाफ एक और बड़ी और…

2 hours ago