इंदौर

नगर निगम ने शुक्रवार को तीन स्थान पर मकान तोड़े। पालदा क्षेत्र में कारखाने के लिए आवंटित जमीन पर मकान बना लिए थे। जिसमें पांच परिवार भी रह रहे थे। इसके अलावा गाडि़यों की धुलाई के लिए एक सर्विस सेंटर भी बना रखा था।
जिसे नगर निगम के अमले ने तोड़ दिया। सुबह मौके पर पहुंचे अफसरों ने पहले परिवारों को मकान खाली करने के लिए कहा। परिवार के लोग पहले आनाकानी कर रहे थे, लेकिन अफसरों की सख्ती के बाद उन्होंने गृहस्थी का सामान बटोरना शुरू कर दिया।

इसके बाद अवैध हिस्सों को तोड़ने का काम शुरू हुआ। सामान निकालने के दौरान एक युवक को चोट भी लग गई। मकान जब तोड़े जा रहे थे तब परिवार की दो महिलाएं काफी हंगामा कर रही थी। बाद में दोनो रोने लगी। पुलिस बल की मौजूदगी के कारण अभियान प्रभावित नहीं हुआ।

दो घंटे में अवैध निर्माण जमींदोज हो गया। अफसरों ने कहा कि पालदा क्षेत्र में प्लाॅट उद्योगों के लिए आवंटित है, लेकिन बगैर अनुमति के आवासीय उपयोग किया जा रहा था और किराया भी वसूला जा रहा था। अवैध मकान तोड़ने के लिए कुछ दिनों पहले नोटिस दिया गया था।
 
दो खतरनाक मकान तोड़े

नगर निगम ने खजूरी बाजार और नृसिंह बाजार से खतरनाक मकान भी तोड़े। 60-70 साल पुराने यह मकान झांकी मार्ग पर है। अनंत चतुदर्शी पर निकलने वाली झांकियों से पहले खतरनाक मकान तोड़ता है। अभी तक पांच खतरनाक मकान तोड़े जा चुके है। इंदौर मेें 100 से ज्यादा खतरनाक मकान है, लेकिन कोर्ट में प्रकरण विचाराधीन होने के कारण ज्यादातर मकान तोड़े नहीं जाते है।

By kgnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *