भिण्ड
महीने कांग्रेस की सरकार थी लेकिन क्या एक बार भी तत्कालीन मुख्यमंत्री भिंड आए ? 18 महीने बहुत लम्बा समय होता है नवनिर्वचित मुख्यमंत्री को 18 महीने में राज्य के 52 ज़िलों में दौरा करना चाहिए था या नहीं ? लेकिन क्या एक बार भी 18 महीने में आए ? क्यों नहीं आए क्यूँकि पूरी तरीक़े से व्यस्त थे वल्लभ भवन (मुख्यमंत्री कार्यालय) को भ्रष्टाचार का अड्डा बनाने के लिए।
अभी चुनाव चल रहे है अभी भी नहीं आए जो मुख्यमंत्री ज़िला मुख्यालय में नहीं आए वो अगर सरकार में आ गया तो क्या पाँच साल में कभी आएगा ? भिंड एक स्वाभिमानी ज़िला है अगर आपके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है तो मैं आपसे निवेदन करता हूँ की कांग्रेस की बोरी बिस्तर बांध कर उस पर बड़ा ताला लगाकर, चाभी को चम्बल में फेंक दो। भाजपा ने भिंड को हमेशा प्राथमिकता दी है। अगर आपने चाहा कि भिंड नगर निगम बनना चाहिए तो भाजपा ने उसे नगर निगम बनाया है। यह बात केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भिण्ड में पार्टी प्रत्याशी के समर्थन में जनसभा को संबोधित करते हुए कही।
भिण्ड से मेरा प्रगति का रिश्ता
सिंधिया ने कहा कि मेरा भिंड के साथ केवल भावनात्मक नहीं प्रगति का भी रिश्ता है। भिंड की जनता पार्टी प्रत्याशी भारत सिंह कुशवाह को चुनती है तो वह साथ में ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी चुन रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही भाजपा कार्यकर्ता मेरे पास आए थे बायपास की माँग की थी मैंने उसे तुरंत स्वीकृत कराई थी।
भांडेर-दबोह, लाहार-मिहोना राष्ट्रीय राजमार्ग अब बाईपास के रूप में गुज़रेगा। भिंड में जल्दी मेडिकल कॉलेज बनने वाला है। 150 करोड़ अमृत जल योजना का कार्य-आरओ का साफ़ पानी घर-घर पहुंचाने का काम होने जा रहा है। सीवर लाइन प्रोजेक्ट (250 करोड़) अंतिम चरण पर। गौरी सरोवर पर सौंदर्यीकरण 2 करोड़।
बीटीआई विक्रमपुरा को शहर से जोड़ने हेतु गौरी पुल निर्माण पूर्ण (2 करोड़)। भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-कांग्रेस शासन काल में भिंड-ग्वालियर हाईवे पर जगह-जगह गड्ढ़े हुए करते थे, अगर घर से ग्वालियर के लिए निकलो, तो रास्ते में गड्ढों की वजह से करीब 3 घंटे का सफर लगता था। लेकिन सरकार द्वारा इस स्टेट हाईवे का रुप बदल नेशनल हाईवे कर दिया। अब भिंड से ग्वालियर के लिए केवल 1 घंटे का समय लगता है। कुल 200 किमी की सड़कें बनाई गयी।
लाड़ली बहनाओं को मिलेगा पक्का मकान
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि आने वाले समय में लाड़ली बहनों को 1250 रूपए से बढ़ाकर 3000 रूपए मिलेंगे। साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना की धनराशि एक लाख रुपए तक की जायेगी। जिन लाड़ली बहनों को मकान नहीं मिला है उन्हें पक्का मकान बनाकर देंगे। साथ ही सभी लाड़ली बहनों को गैस सिलेंडर 450 रुपए में मिलेगी।
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