जगदलपुर.
महतारी वंदन योजना का लाभ ले रही महिलाओं के सामने अब तकनीकी संकट खड़ा हो गया है। ई-केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य होते ही हजारों महिलाएं दफ्तरों के चक्कर काटने मजबूर हैं। सर्वर और नाम मिसमैच ने भुगतान प्रक्रिया अटका दी है। करीब 1.73 लाख हितग्राहियों में लगभग 2 हजार मामलों में डेटा मिसमैच सामने आया है।
दो साल पहले आवेदन के दौरान हुई गलत एंट्री अब परेशानी बन गई है। भीषण गर्मी में महिलाएं महिला एवं बाल विकास कार्यालय पहुंच रही हैं। कई जगह आंगनबाड़ी स्तर पर सुधार के बजाय सीधे दफ्तर भेजा जा रहा है। राज्य स्तर पर डेटा सुधार में 5 से 7 दिन का समय बताया जा रहा है। 30 जून तक समय सीमा तय होने से महिलाओं की चिंता और बढ़ गई है। विभाग ने साफ किया है कि ई-केवाईसी पूरी तरह निशुल्क है। रुपयों की मांग करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
महतारी वंदन योजना आत्मनिर्भर महिला की ओर कदम
1 मार्च 2024 से लागू इस महत्वाकांक्षी योजना ने राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण में क्रांति ला दी है। विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए सीधे बैंक खाते में हस्तांतरित किए जा रहे हैं।मार्च 2024 से सितम्बर 2025 तक 69.15 लाख से अधिक महिलाओं को 12,376.19 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। राशि महिलाओं की आत्मनिर्भरता, पोषण और मूलभूत जरूरतों की पूर्ति में सहायक है।चालू वित्तीय वर्ष में इस योजना के लिए 5, 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। 179 महतारी सदन के निर्माण के लिए 52.20 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। प्रत्येक सदन 2,500 वर्गफुट में 29.20 लाख रुपए की लागत से बनेगा, जो महिलाओं के लिए प्रशिक्षण, बैठक और सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र होगा।
स्वरोजगार और उद्यमिता का विस्तार
जिसमें मुख्यमंत्री सिलाई मशीन सहायता योजना के तहत 18 से 50 वर्ष की पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों को 7,900 रुपए की सहायता एक सिलाई मशीन के लिए दी जा रही है।दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना से 3 वर्ष से पंजीकृत महिला श्रमिकों को 1 लाख रुपए की अनुदान राशि प्रदान की जा रही है। मिनीमाता महतारी जतन योजना के तहत गर्भवती महिला श्रमिकों को 20,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि उन्हें पौष्टिक आहार मिल सके। मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना ने पंजीकृत श्रमिकों को अपनी 18-21 वर्ष की अविवाहित पुत्रियों के पढ़ाई लिखाई तथा अन्य आवश्यक खर्चों के लिए 20,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जा रही है।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी साय सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसमें महतारी शक्ति ऋण योजना के माध्यम से उन्हें बिना जमानत के 25,000 रुपए का ऋण देकर स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।सक्षम योजना – 2 लाख से कम वार्षिक आय वाली महिलाओं को 3% ब्याज पर 2 लाख रुपए तक ऋण भी दिया जा रहा है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) – 800 करोड़ रुपए का प्रावधान, “लखपति महिला” और “ड्रोन दीदी” जैसी नवाचारी पहलें भी योजनाओं में शामिल है।इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ, उन्हें रोजगार के स्थायी अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं।
