भोपाल/दिल्ली

दिल्ली के प्रगति मैदान में 1 फरवरी से शुरू हुए विश्व पुस्तक मेले में इस बार मध्य प्रदेश की किताबें खास आकर्षण बनी हुई हैं। बुंदेली संस्कृति, वन्यजीव और ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित किताबों को पाठक खूब पसंद कर रहे हैं। साथ ही पुस्तकालय संचालकों की भी अच्छी आवाजाही देखी जा रही है, जो कि ऐसी किताबों की तलाश में हैं जो भारत के हृदय प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को दर्शाती हों।

मेले में यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। वन्यजीव, पर्यावरण और सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ी किताबें अभ्यर्थियों की विशेष पसंद बनी हुई है. पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के प्रमुख सचिव और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा, "विश्व पुस्तक मेला, पाठकों और लेखकों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है,  यह साहित्य, संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देने का भी अवसर प्रदान कर रहा है। यह मेला ज्ञान के प्रकाश को और अधिक फैलाने में सहायक सिद्ध होगा।"

पर्यटकों के बीच मध्य प्रदेश गाइड मैप की मांग भी बढ़ गई है। नए होमस्टे और ऑफबीरहाट डेस्टिनेशन्स के विकास के चलते, यह मैप यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इतिहास और धर्म से जुड़ी पुस्तकों के अलावा, राज्य के प्रसिद्ध साहित्यकारों की रचनाएं भी यहां उपलब्ध हैं। विशेष रूप से बुंदेलखंड, उज्जैन, सतपुड़ा, भोपाल, इंदौर, दमोह जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़ी पुस्तकें स्टॉल पर उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ प्रमुख किताबें 'वाइल्ड एमपी', 'उज्जैन: द लिविंग लेजेंड', 'बुंदेलखंड: द हार्ट बीट ऑफ एमपी', 'फॉर्ट्स ऑफ फोर्ट्रेस और पैलेस ऑफ एमपी', और 'सतपुड़ा' हैं। वन्यजीव प्रेमियों के लिए हाल ही में प्रकाशित 'बर्ड्स ऑफ भोपाल' किताब भी खूब चर्चा में है। यह भोपाल और उसके आसपास पाए जाने वाले पक्षियों की जानकारी देने वाली अनूठी पुस्तक है, जिसे प्रकृति प्रेमी और शोधकर्ता खासा पसंद कर रहे हैं।  मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने के लिए लोग बड़ी संख्या में स्टॉल पर पहुंच रहे हैं और किताबों को पसंद कर रहे हैं।

By kgnews

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