इंदौर
इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मीनारायण कंडवाल के यहां छापा मारकर आय से अधिक संपत्ति का पता लगाया।अधिकारी को अब तक के अपने सेवाकाल में वेतन से ढाई करोड़ रुपये प्राप्त हुए, लेकिन छापे में साढ़े नौ करोड़ रुपये की संपत्ति मिली है। उन्होंने अपनी आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।
छापे में स्कीम-103 में एक तीन मंजिला मकान और एक व्यावसायिक परिसर मिला। इसके अलावा स्कीम-140 में 10 हजार वर्गफीट के प्लॉट भी मिले। 30 वर्षों के सेवाकाल में वे अलग-अलग जिलों में पदस्थ रहे। फिलहाल वे इंदौर में पदस्थ थे। कंडवाल के पास पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के तारापुर, बेकलाय और बनेड़िया में 11 प्लॉट भी मिले हैं।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि शिकायत मिलने पर बुधवार सुबह छापे की योजना बनाई गई थी। इसके लिए तीन टीमों का गठन किया गया। मकान, जिम और एक डिपार्टमेंटल स्टोर पर टीमों ने छापा मारकर कथित काली कमाई से जुटाई गई संपत्ति का पता लगाया। कंडवाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।लक्ष्मीनारायण कंडवाल महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक के पद पर वर्ष 1996 से पदस्थ हैं। अब विभाग उनके निलंबन की कार्रवाई कर सकता है।
बेटे, बहू और रिश्तेदारों के नाम खरीदी जमीनें
संयुक्त संचालक कंडारिया ने काली कमाई का पैसा पत्नी, बेटों, पुत्रवधु और रिश्तेदारों के नाम पर जमीनें खरीदने में लगाया। इंदौर के समीप सोनवाय गांव में 0.097 हेक्टेयर कृषि भूमि खरीदी, जिसकी कीमत साढ़े छह लाख रुपये है। इसके अलावा पीथमपुर के समीप 2.560 हेक्टेयर कृषि भूमि तथा स्कीम-103 में भूखंड क्रमांक 149-सी खरीदा और उस पर जी+3 का 13 हजार वर्गफीट से अधिक निर्माण कराया।
इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 140 स्थित भूखंड क्रमांक 220 ए.एम. को 21 लाख रुपये में खरीदा। इसके अलावा इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक 140, सेक्टर ए-टाइप में भूखंड क्रमांक 378 भी 15 लाख रुपये में खरीदा।
ग्राम बनेडिया, जिला धार में 0.879 हेक्टेयर कृषि भूमि ली। तारपुरा, तहसील सागौर, जिला धार में 2.195 हेक्टेयर कृषि भूमि भी खरीदी। ग्राम बेकल्या, तहसील पीथमपुर, जिला धार में 1.740 हेक्टेयर कृषि भूमि ली। आरोपी ने ज्यादातर पैसा संपत्ति खरीदने में ही लगाया।
इसके अलावा बैंक ऑफ इंडिया की सांठा बाजार शाखा में एक बैंक लॉकर भी मिला है, जिसे गुरुवार को खोला जाएगा।
पांच दिन पहले ही इंदौर में पदस्थापना
कंडारिया की पांच दिन पहले ही इंदौर में पदस्थापना हुई थी और लोकायुक्त का छापा पड़ गया। उनका परिवार इंदौर में ही रहता था और ऐशो-आराम की जिंदगी जीता था। कंडारिया झाबुआ, नीमच, रतलाम, रीवा, शहडोल, उज्जैन और देवास में भी पदस्थ रहे।
जिम और डिपार्टमेंटल स्टोर भी खोला
छापे के दौरान अधिकारियों को दो मंजिला आलीशान जिम भी मिला, जिसमें आधुनिक मशीनें हैं। इसके अलावा एक डिपार्टमेंटल स्टोर भी मिला, जिसका संचालन कंडारिया के परिवार के सदस्य करते हैं।
लोक निर्माण से लोक कल्याण नवाचार से नव निर्माण तक : 2.5 वर्षों में लोक…
भोपाल मध्यप्रदेश के 3 प्रमुख सचिव (पीएस), 2 संभागायुक्त और 10 कलेलटरों पर तबादले की…
रायपुर. अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक दिवस के अवसर पर 23 जून को छत्तीसगढ़ में खेल और पर्यावरण…
रायपुर. प्रदेश के उद्योग, वाणिज्य, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने आज…
रायपुर. छत्तीसगढ़ स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीएसआईडीसी) की 161वीं संचालक मंडल बैठक आज सोमवार…
रायपुर. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव शंगीता आर. ने नगरीय निकायों के कार्यों…