भोपाल

 मध्य प्रदेश में मोहन यादव मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सीएम बनते ही उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के अंदाज में काम करना शुरू कर दिया है। मोहन यादव की तरफ से जारी पहले पहले आदेश में कहा गया है कि धार्मिक स्थलों पर तय मानक से ज्यादा लाउडस्पीकर होने पर एक्शन लिया जाएगा। इसके साथ ही खुले में मांस और अंडे नहीं बिकेंगे। मोहन यादव के 'सनातनी एजेंडा' पर कांग्रेस की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। 

कांग्रेस ने बताया ढोंग

कांग्रेस के मुस्लिम विधायक आरिफ मसूद ने सीएम मोहन यादव के आदेश को ढोंग बताया। यह पूछे जाने पर कि क्या मस्जिद को टारगेट किया जा रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि भाजपा की नीयत गुमराह करने वाली है। दूसरे मुस्लिम विधायक आतिफ अकील ने कहा धार्मिक स्थलों पर पाबंदियां नहीं लगानी चाहिए। सीएम का पहला आदेश महिलाओं और युवाओं के लिए होना चाहिए था। 

बीजेपी का कांग्रेस पर पलटवार

कांग्रेस विधायकों के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के फायर ब्रांड विधायक रामेश्वर शर्मा ने सीएम मोहन यादव के कदम को स्वागत योग्य बताया। उन्होंने कहा कि पहले मंदिर के सामने चाहे जहां अंडे और मांस की दुकानें खुल जाती थी। कांग्रेस को क्या मस्जिद के लाउडस्पीकर से मोहब्बत है। 

रियलिटी चेक में सामने आई ये सच्चाई

जब इंडिया टीवी ने रियलिटी चेक किया तो भोपाल की अशोका गार्डन इलाके स्थित मस्जिद से जहां पर पहले 80 से 160 डेसीबल तक आवाज आ रहा था जबकि तय मानक रिहायशी इलाकों में 55 डेसीबल दिन में और 45 डेसीबल रात में है। सरकार के इस फैसले का मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने स्वागत किया वहीं, कुछ ने गलत बताया। कुछ मुसलमानों का कहना है कि निर्णय अच्छा है। दोनों धर्म के लिए है।

 

By kgnews

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