आत्महत्या से पहले पत्नी को किया था फोन, आर्थिक परेशानी से जूझ रहे थे, टूरिज्म डिपार्टमेंट के बड़े काम कर चुके थे।पर्यटन विभाग के बड़े कांट्रेक्टर ने इंदौर के एक होटल में आत्महत्या कर ली। वे भोपाल के रहने वाले हैं और किसी काम से इंदौर आए थे। वे भोपाल रेलवे स्टेशन और मिंटो हॉल में भी आर्किटेक्ट का काम कर चुके थे। आर्किटेक्ट ने चार पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें उन्होंने अपने पार्टनर को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने बताया कि शाहपुरा भोपाल निवासी मिलिंद पिता अर्जुन जुमड़े ने स्कीम-94 स्थित ला फ्लोरा होटल में 30 सितंबर को कमरा बुक किया था। उन्होंने होटल प्रबंधन को हिदायत दी थी कि कमरे में तब तक कोई डिस्टर्ब नहीं करे जब तक वे किसी को बुलाएं ना। जब दो दिन तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो होटल प्रबंधन को उनके आत्महत्या करने की जानकारी मिली।  पार्टनर को बताया मौत का जिम्मेदार, आर्थिक परेशानी में थेमिलिंद भोपाल में अर्थ एसोसिएट्स के नाम से फर्म चलाते थे। मिलिंद ने सुसाइड नोट में पार्टनर राजेश खांडे पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने लिखा है कि ‘तेरी वजह से मैं बर्बाद हो गया हूं। मौत का जिम्मेदार राजेश खांडे को ही माना जाए।’ मिलिंद ने परिजन से भी परेशान होने की बात लिखी है। मिलिंद भोपाल रेलवे स्टेशन, एमपी टूरिज्म, पुलिस हाउसिंग, टाइगर रिजर्व, कूनो नेशनल पार्क, मिंटो हॉल जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में काम कर चुके थे। मोलेक्युल बार में वे पार्टनर थे, लेकिन बाद में इससे बाहर आ गए थे। एक समय पर्यटन विभाग के सारे प्रोजेक्ट मिलिंद ही करते थे। बताया जा रहा कि छह महीने से वे किसी आर्थिक परेशानी में फंसे थे। एक दिन पहले किया था पत्नी को फोनहोटल मैनेजर नीरज नायक ने पुलिस को बताया कि दो अक्टूबर की रात को मिलिंद नीचे उतरे थे। बताया गया कि मिलिंद ने अपनी पत्नी को एक दिन पहले फोन किया था। मिलिंद के जीजा नागपुर से इंदौर आए। उनका कहना है कि उन्हें आत्महत्या के कारणों के विषय में कुछ भी जानकारी नहीं है। पुलिस के मुताबिक मिलिंद ने बाथरूम में सल्फास खाने के बाद हाथ की नस काटी है। 

By kgnews

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