सोशल मीडिया पर एक पोस्ट जमकर वायरल हो रही है, जिसमें बताया जा रहा है कि बाबा महाकाल को सालों तक अपने कंधों पर बैठाकर नगर भ्रमण करने वाले महाकाल और महाकाल की सवारी में निकलने वाले हाथी रामू की मौत हो गई है। यह बहुत प्रसिद्ध हाथी था। पशु प्रेम और बाबा महाकाल से इस पोस्ट के जुड़े होने के कारण हजारों लोग पोस्ट के नीचे श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी है, जिसकी पड़ताल जब अमर उजाला द्वारा की गई तो पता चला कि जिस रामू हाथी की मौत की खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वह साल 2016 में ही इस दुनिया को छोड़ चुका है। सोशल मीडिया पर वायरल खबरें हमेशा प्रमाणित हो यह सच नहीं है। इसका एक उदाहरण हम आपको बताते हैं। आज सुबह से उज्जैन से लेकर इंदौर एवं अन्य ग्रुपों में फोटो सहित पोस्ट डाली जा रही है कि रामू हाथी महाकाल बाबा को अपने कंधे पर लेकर सवारी में घूमता था, आज वह हमारे बीच नहीं रहा। परंतु सच्चाई यह है कि गजराज रामू 2016 में ही इस दुनिया को छोड़ चुका है। इस खबर की पुष्टि के लिए जब हमने रामू के महावत रहे। सुमित गिरी गोस्वामी से बात की तो उन्होंने बताया कि 2016 में रामू का देहांत हो गया था, उसके बाद से रामू नहीं श्यामू हाथी ही बाबा महाकाल की सवारी में सेवाएं दे रहा है।कुछ जागरुक लोग दे रहे पोस्ट के फेक होने की जानकारी।ऐसा नहीं है कि सोशल मीडिया पर सभी लोग इस पर पोस्ट पर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं, कुछ जागरुक लोगों ने इस पोस्ट को गलत बताते हुए दोनो हाथियों का फोटो पोस्ट कर उनके नाम लिखे हैं और यह बताने का प्रयास किया है कि रामू हाथी की मौत साल 2016 में ही हो गई है और श्यामू हाथी बाबा महाकाल की सवारी में सेवा दे रहा है।

By kgnews

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