भोपाल
Madhya Pradesh High Court ने एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता की 28 सप्ताह से अधिक की गर्भावस्था को चिकित्सकीय रूप से समाप्त करने की अनुमति दे दी है।
अदालत ने मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट और पीड़िता की शारीरिक व मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया। कोर्ट ने माना कि इतनी कम उम्र में गर्भावस्था जारी रखना नाबालिग के स्वास्थ्य और जीवन के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
मामले की सुनवाई के दौरान विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि गर्भ जारी रहने से बच्ची पर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके बाद अदालत ने मानवीय आधार पर गर्भ समापन की अनुमति प्रदान की। यह निर्णय राज्य में मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है।
कांकेर. छत्तीसगढ़ में आसमान से बरस रही आग से वन्यजीवों का जीवन गंभीर रूप से…
रायपुर. राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज रायपुर तहसील कार्यालय और नवीन संभाग आयुक्त…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूर्ण होने पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी…
सूरजपुर सूपाझरिया जलाशय के जीर्णाेद्धार के लिए 3.15 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति मरम्मत के बाद…
उत्तर बस्तर कांकेर, जिला पंचायत कांकेर द्वारा जिले के ग्राम पंचायतों में सचिव (पंचायत कर्मी)…
’सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण का बेमिसाल’ रायपुर, छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी…