भोपाल
प्रदेश में मानसून की जोरदार वर्षा हो रही है। रविवार को राजधानी भोपाल सहित अधिकांश जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की वर्षा हुई। शाम करीब साढ़े चार बजे राजधानी भोपाल में अचानक घने काले बादल छा गए, जिससे दिन में ही अंधेरे जैसे हालात बन गए। दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर आवाजाही करना पड़ा। यही हाल सीहोर और ग्वालियर का रहा, जहां घने काले बादलों की वजह से अंधेरा छा गया। उसके बाद झमाझम वर्षा हुई।
छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, भोपाल समेत 43 में येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के बैतूल, अलीराजपुर, देवास, अनूपपुर, दमोह और सागर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं विदिशा, रायसेन, भोपाल समेत 43 जिलों को येलो अलर्ट में रखा है। केंद्र के अनुसार प्रदेश में अगले पांच दिनों तक मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं है।
छिंदवाड़ा में ढाई इंच (67 मिलीमीटर) बरसात हुई। हरदा में झमाझम वर्षा के कारण फसलें बह गईं और विदिशा–गुना में जलभराव से जनजीवन प्रभावित हुआ। पांढुर्णा जिले के सीतापार के पगड़ी गांव में बिजली गिरने से 48 वर्षीय सुलोचना तड़ाम की मौत हो गई।
मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के पूर्वी इलाके अभी तप रहे हैं। वहां का अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री से लेकर 39.0 डिग्री तक रिकॉर्ड किए गए। वहीं पश्चिमी इलाकों में लगातार वर्षा की वजह से रविवार को दिन के तापमान में 4.7 डिग्री तक गिरावट हुई। यहां पारा 27.0 डिग्री से लेकर 36.2 डिग्री तक रहे। केंद्र के अनुसार अगले पांच दिनों तक मौसम में कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने की संभावना जताई गई है।
हरदा में बाढ़ से किसानों की मेहनत पर पानी
हरदा जिले में एक दिन पहले हुई भारी वर्षा के बाद नदी–नाले उफान पर आ गए। इससे खेतों में बोई गई मक्का, सोयाबीन और उड़द की अंकुरित फसलें मिट्टी सहित बह गईं। किसानों का कहना है कि कई खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है, जिससे दोबारा बोवनी की चिंता बढ़ गई है।
विदिशा और गुना में जलभराव की परेशानी
विदिशा की सौराई स्थित राजीव आवास कॉलोनी में करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद वर्षा के समय जलभराव और कीचड़ की समस्या बनी हुई है। यहां नाले पर बनी पुलिया नीची होने से वर्षा के बाद रास्ता बंद हो जाता है और करीब 300 परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
गुना के वार्ड–दो के रहवासी भी चिंतित हैं। दरअसल नदी की सफाई का वादा किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। वर्षा शुरू होने के बाद लोगों को फिर बाढ़ का खतरा सताने लगा है।
शाम साढ़े पांच बजे तक कहां कितनी हुई वर्षा (फैक्ट फाइल)
| शहर | मिलीमीटर |
| छिंदवाड़ा | 67.0 |
| सिवनी | 22.0 |
| श्योपुर | 20.0 |
| उज्जैन | 19.0 |
| टीकमगढ़ | 15.0 |
| ग्वालियर | 10.0 |
| मंडला | 8.0 |
| रीवा | 7.0 |
| सागर | 6.0 |
| गुना | 5.0 |
| सीधी | 5.0 |
| जबलपुर | 3.0 |
| बालाघाट जिले के मलाजखंड | 3.0 |
| नरसिंहपुर | 2.0 |
| इंदौर | 1.0 |
| राजगढ़ | 1.0 |
| दतिया | 0.8 |
प्रदेश के चार बड़े शहरों के तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
| भोपाल | 32.2 | 25.4 |
| इंदौर | 30.9 | 22.8 |
| ग्वालियर | 37.7 | 28.3 |
| जबलपुर | 34.0 | 24.4 |
(नोट: तापमान डिग्री सेल्सियस में है)
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