खैरागढ़
 जिले में आज एक महत्वपूर्ण सुरक्षा विकास होने जा रहा है। बीजापुर इलाके से जुड़े नक्सली दंपत्ति रोहिणी और धनुष आज खैरागढ़ में बिना हथियारों के आत्मसमर्पण करने जा रहे हैं। यह कदम सरकार की पुनर्वास एवं मुख्यधारा में लौटने की नीति से प्रभावित होकर उठाया गया है। दोनों के सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियाँ बड़ी उपलब्धि मान रही हैं।

नक्सली दंपति का सरेंडर क्यों अहम है?

सूत्रों के अनुसार रोहिणी और धनुष पिछले लंबे समय से संगठन से दूरी बनाना चाहते थे। लगातार अभियान, सुरक्षा बलों का दबाव और पुनर्वास नीति की सुविधाओं ने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया।

जानकारों का कहना है कि

दोनों दंपति नक्सली संगठन के सक्रिय कैडर में शामिल थे।

कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उनकी भूमिका रही है।

बिना हथियार आत्मसमर्पण करना इस बात का संकेत है कि वे पूरी तरह मुख्यधारा में लौटने को तैयार हैं।

शाम 5 बजे खैरागढ़ एसपी की प्रेस वार्ता

खैरागढ़ जिले के पुलिस अधीक्षक लक्स शर्मा (SP) आज शाम 5 बजे प्रेस वार्ता करेंगे।

इस दौरान

दंपति के आत्मसमर्पण की आधिकारिक जानकारी,उनके पुराने रिकॉर्ड,और पुनर्वास योजना से जुड़ीजानकारीसाझा की जाएगी।

 पुलिस विभाग का मानना है कि यह आत्मसमर्पण भविष्य में अन्य नक्सली सदस्यों को भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित करेगा।

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