इंदौर
इंदौर की सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को आने वाले 6 से 8 महीने में नया अनुभव मिलने वाला है. शहर के लोगों को ट्रैफिक से राहत दिलाने के लिए और सुगम यातायात व्यवस्था देने के लिए अलग-अलग जगहों पर फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं. जो आने वाले 6 से 8 महीने में पूरे हो जाएंगे. फ्लाईओवर बनने के बाद लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे और उन्हें ट्रैफिक जाम से भी मुक्ति मिलेगी.
इंदौर विकास प्राधिकरण की ओर से बनाए जा रहे फ्लाईओवर के लिए तमाम एजेंसियों की मदद भी ली जा रही है. जल्द ही ये प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे.
कहां-कहां बनाए जा रहे हैं फ्लाईओवर?
• सबसे पहले बात करते हैं भंवर कुआं चौराहे की. यहां मुख्य सड़क पर दोनों तरफ से फ्लाईओवर बनाने का काम चल रहा है. भंवर कुआं क्षेत्र सबसे ज्यादा व्यस्तम चौराहा है. यहां पर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है. ज्यादातर कोचिंग इंस्टीट्यूट और विश्वविद्यालय का कैंपस भी इसी चौराहे के पास है. इसलिए इस चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू किया गया था.
• दूसरा फ्लाईओवर खजराना चौराहे पर बनाया जा रहा है. इंदौर के रिंग रोड पर मौजूद इस चौराहे पर बंगाली चौराहे से खजराना की और अगर जाएं तो सर्विस रोड को इसके निर्माण के लिए लिया गया था. जिसकी वजह से लोगों को थोड़ी परेशानी हो रही थी लेकिन अब इस चौराहे पर फ्लाईओवर का काम अंतिम चरण में है. इसकी एक भुजा को जल्द ही चालू किया जाएगा. इंदौर विकास प्राधिकरण को पूरी उम्मीद है कि लेन खुलने के बाद तस्वीर कुछ और होगी. फिलहाल आनंद बाजार चौराहे से खजराना चौराहे से होते हुए रेडिसन की तरफ जो रास्ता जाता है वहां पर मुड़ने से पहले थोड़ी देर के लिए सिग्नल पर रुकना पड़ रहा है. जो कि एक भुजा खुलने के बाद अब आसान हो जाएगा.
• तीसरा फ्लाईओवर फूटी कोठी चौराहे पर बनाया जा रहा है. इसका काम भी बहुत तेजी से चल रहा है. बता दें कि बीते रविवार स्थानीय विधायक मालिनी गौड़ और इंदौर विकास प्राधिकरण के अधिकारी इसके निरीक्षण पर भी गए थे. उन्होंने संतोष जताया था कि फ्लाईओवर का काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही पूरा हो जाएगा.
• इसके अलावा चौथा फ्लाईओवर लवकुश चौराहे पर बनाया जा रहा है. लव-कुश चौराहा इंदौर और उज्जैन के बीच में है जो उज्जैन रोड पर मौजूद है. यह सबसे प्राइम लोकेशन है. सुपर कॉरिडोर के लिए जाने के लिए इसी चौराहे से निकलकर जाना पड़ता है. यहां मेट्रो कॉरिडोर का काम भी जारी है. इंदौर विकास प्राधिकरण के मुताबिक विकास प्राधिकरण ने यहां ब्रिज की एक भुजा का काम पूरा कर लिया है और आने वाले तीन से चार महीनों में इसे खोल दिया जाएगा.
कुल मिलाकर चारों फ्लाईओवर का काम बहुत तेजी से चल रहा है. आने वाले 6 से 8 महीनों में फ्लाईओवर फंक्शन करना शुरू कर देंगे. ये फ्लाईओवर शहर के ऐसे पहले फ्लाईओवर होंगे जिनकी लंबाई करीब 45 मीटर के आसपास है और नीचे ट्रैफिक आराम से निकलता रहेगा.
इंदौर में तैयार हो रहा प्रदेश का सबसे ऊंचा डबलडेकर फ्लायओवर, जमीन से 70 फीट होगी ऊंचाई
इंदौर-उज्जैन रोड के लवकुश चौराहे पर बन रहा डबलडेकर फ्लायओवर प्रदेश का सबसे ऊंचा फ्लायओवर होगा। जमीन से इसकी अधिकतम ऊंचाई 70 फीट होगी। आमतौर पर जो ब्रिज बनते है,उनकी ऊंचाई 30 से 40 फीट तक होती है। इस ब्रिज की ऊंचाई की वजह मेट्रो ट्रेन ट्रेक है। तय मापदंडो के अनुसार मेट्रो ट्रेक से 20 फीट ऊंचाई पर ही ब्रिज की भुजा बनाई जा सकती है।
बाणगंगा से सांवेेर की दिशा में बनने वाले ब्रिज की ऊंचाई 70 फीट रहेगी, इसलिए उसकी लंबाई भी सवा किलोमीटर से ज्यादा है, ताकि वाहनों को ढलान और चढाई का सामना ज्यादा न करना पड़े। ब्रिज छह लेन बनेगा। गांधी नगर चौराहा से एमआर-10 की तरफ बनने वाले ब्रिज की ऊंचाई मेट्रो ट्रेक से नीचे रहेगी। चौराहे पर मेट्रो स्टेशन भी बन रहा है। इंदौर विकास प्राधिकरण के अफसरों ने बताया कि ब्रिज के दोनो भुजाएं तैयार हो रही है। मध्य हिस्से का काम सबसे आखिर में किया जाएगा। प्रदेश में स्टेट हाइवे पर यह पहला डबल डेकर ब्रिज इंदौर में बन रहा है। इंदौर में ही बायपास पर एनएचएआई थ्रीलेयर ब्रिज बना रहा है, हालांकि उसकी ऊंचाई भी कम है।
इस ब्रिज की लागत 175 करोड़ रुपये है। पहली बार 24 मीटर का स्पाॅन इसके लिए बनाया जा रहा है,ताकि सड़क पर चलने वाले यातायात को भी परेशानी न हो। ब्रिज के दोनों तरफ 12-12 मीटर की चौड़ी सड़कें भी रहेगी। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम इंदौर से उज्जैन तक छह लेन रोड बना रहा है,जो अरबिंदो अस्तपाल चौराहे से शुरू होगा। ब्रिज की भुजा इस चौराहे पर समाप्त होगी। इस साल नवंबर तक इस ब्रिज के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
राज्यपाल पटेल ने अपना जन्म दिवस बच्चों के साथ मनाया लोक भवन मंदिर में प्रदेशवासियों…
आरंग/रायपुर. नगर पालिका परिषद आरंग में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी…
दुर्ग. सरल लेकिन सख्त मुख्यमंत्री विष्णु देव के सुशासन में एक बार फिर से कड़ा…
गाँव के द्वार पहुँची डिजिटल सरकार : बड़ेकनेरा का ‘सेवा सेतु’ मॉडल बना ग्रामीण सुशासन…
प्रदेश में चल रही है समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी.) लागू करने की प्रक्रिया : मुख्यमंत्री…
मध्यप्रदेश में वरिष्ठजनों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की सुदृढ़ व्यवस्था कानूनी संरक्षण: अधिकारों की…