इंदौर में अब नहीं टूटेंगे मकान, नई ‘नेटम’ तकनीक से बनेगा छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन

इंदौर.

छोटा गणपति भूमिगत मेट्रो स्टेशन के निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। मेट्रो के अन्य सभी भूमिगत स्टेशन में इसके निर्माण की तकनीक अलग रहेगी। यह न्यू आस्ट्रियन टनलिंग मैथ (नेटम) तकनीक से होगा। ओपन कट के बजाए इस तकनीक से निर्माण करने पर मल्हागंज क्षेत्र के 142 आवासीय व व्यावसायिक इमारतें बच जाएंगी यानी इन्हें नहीं तोड़ना पड़ेगा।

गौरतलब है कि मल्हारगंज क्षेत्र में भवनों को तोड़े जाने की नौबत आने के कारण यहां के रहवासी पिछले कुछ महीनों से विरोध जता रहे थे। नौ फरवरी को इस संबंध में गांधी नगर स्थित मेट्रो डिपो कार्यालय में बैठक हुई। इसमें नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन और छोटा गणपति क्षेत्र के नागरिक भी शामिल हुए। मेट्रो के अधिकारियों ने सभी को छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन की निर्माण की तकनीक बदलने के बाद उससे आवासीय व व्यावसायिक भवनों के प्रभावित न होने की जानकारी दी थी। इसके बाद शुक्रवार को भी मेट्रो के अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भूमिगत स्टेशन की तकनीक के बारे में बताया।

रंगपंचमी के बाद शुरू होगा निर्माण
एयरपोर्ट से रीगल तक सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें रीगल व छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन का निर्माण कार्य अभी शुरू नहीं हो सका है। शेष के लिए बोरिंग मशीनों के माध्यम से पाइलिंग का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। छोटा गणपति मेट्रो स्टेशन के निर्माण पर रहवासियों के विरोध के कारण निर्माण कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ था। शनिवार को हुई बैठक में मंत्री विजयवर्गीय ने मेट्रो के अधिकारियों को जल्द से जल्द इस स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। मेट्रो प्रबंधन रंगपंचमी के बाद इस स्टेशन का निर्माण कार्य शुरू करेगा।

इस तरह तैयार होगा छोटा गणपति स्टेशन
जियोटेक्नीकल इन्वेस्टिगेशन में प्रस्तावित भूमिगत मेट्रो स्टेशन की जमीन के 38 मीटर (लगभग 125 फीट) गहराई में कठोर चट्टानें मिली हैं। इस वजह से यह स्टेशन ज्यादा गहराई में बनेगा। मेट्रो के अन्य भूमिगत स्टेशन 18 से 22 मीटर गहराई पर बन रहे हैं।

146 मीटर होगी स्टेशन की लंबाई
पूर्व में स्टेशन का निर्माण ओपन कट पद्धति से 190 मीटर की लंबाई में प्रस्तावित था। इससे निर्माण क्षेत्र में 142 निजी आवासीय एवं व्यावसायिक मकान टूट रहे थे। अब स्टेशन की लंबाई 146 मीटर होगी। 142 भवन नहीं तोड़े जाएंगे।

निगम का गार्डन व मल्हारगंज थाना टूटेगा
इस भूमिगत स्टेशन के निर्माण के लिए मल्हारगंज क्षेत्र में बने नगर निगम के दो उद्यान उनकी बीच की 22 मीटर चौड़ी सड़क पर खोदाई होगी। यहां निगम की बनी 12 दुकानें, मल्हारगंज पुलिस स्टेशन, छह पुलिस क्वार्टर तोड़े जाएंगे। प्रवेश निकास गेट के लिए लाल अस्पताल की 0.09 हेक्टेयर आंशिक भूमि ली जाएगी।

भूमिगत निर्माण की तकनीकों में यह है अंतर
ओपन कट तकनीक: भूमिगत स्टेशन के लिए जमीन के ऊपर 146 से 190 मीटर लंबाई वाले हिस्से 300 से ज्यादा पिलर बोरिंग मशीन के माध्यम से जमीन की गहराई 18 से 22 मीटर तक तैयार किए जाते हैं। इसके बाद जमीन की ऊपरी सतह से स्टेशन की गहराई तक मिट्टी की खोदाई कर मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाता है। नेटम तकनीक: स्टेशन के लिए जमीन के ऊपर कम जगह मिलने पर 80 मीटर लंबाई छोटा कट लगाकर जमीन में जहां कठोर चट्टानें मिलती हैं, उस गहराई तक पहुंचते हैं। उसके बाद जमीन की गहराई में कंट्रोल ब्लास्टिंग के माध्यम से अंडर ग्राउंड स्टेशन निर्माण के लिए जमीन के दोनों ओर लगभग 35-35 मीटर लंबाई में खोदाई कर विस्तार किया जाता है। इस तरह स्टेशन बनता है।

सबसे छोटा होगा स्टेशन लेकिन गहराई में तीन मंजिला बनेगा
वर्तमान में एयरपोर्ट से रीगल तक प्रस्तावित सात भूमिगत मेट्रो स्टेशन में से छोटा गणपति स्टेशन सबसे छोटा होगा। अन्य भूमिगत स्टेशन 190 मीटर लंबाई में बन रहे हैं। यह 146 मीटर में तैयार होगा। अन्य भूमिगत स्टेशन जमीन में नीचे दो मंजिला बनेंगे, जबकि यह स्टेशन जमीन के नीचे तीन मंजिला होगा।

कवि सत्तन ने प्रस्तावित स्टेशन की मौजूदा स्थिति को इस तरह काव्य भाव से समझाया
न किसी की गटर जाएगी,
न किसी की शटर जाएगी,
नीचे से मेट्रो निकल जाएगी।
सब सुरक्षित रहेंगे,
जो लोग भयग्रस्त थे वो निश्चिंत रहें…।

इस तरह बनी सहमति
9 फरवरी: मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व विधायक सत्यनारायण सत्तन व मल्हारगंज के स्थानीय लोगों के साथ मेट्रो के अधिकारियों की बैठक हुई। 13 फरवरी: मल्हारगंज क्षेत्र के व्यापारी व रहवासियों के साथ बड़ा गणपति स्थित मेट्रो के आफिस में बैठक हुई और उन्हें तकनीक समझाई गई।

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

संवेदनशील पुलिस, सुरक्षित नागरिक: डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई से सर्पदंश पीड़ित महिला को मिला जीवनदान

संवेदनशील पुलिस, सुरक्षित नागरिक: डॉयल-112 की त्वरित कार्रवाई से सर्पदंश पीड़ित महिला को मिला जीवनदान

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों को त्वरित, संवेदनशील और…

1 hour ago
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के होनहार बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना

पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के होनहार बच्चों के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना

रायपुर छत्तीसगढ़ के श्रम विभाग द्वारा संचालित अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना के तहत पंजीकृत निर्माण…

2 hours ago
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति: मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर के विकास को नई गति: मंत्रिपरिषद् ने OTS योजना-2026 को दी मंजूरी

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद् की बैठक में नवा रायपुर…

2 hours ago
राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के सहयोग से जेल विभाग की ऐतिहासिक पहल

राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के सहयोग से जेल विभाग की ऐतिहासिक पहल

भोपाल  मध्यप्रदेश जेल विभाग ने बंदियों के समग्र स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण…

2 hours ago
तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में पहुंचने लगी बोनस राशि

तेन्दूपत्ता संग्राहकों के खातों में पहुंचने लगी बोनस राशि

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की पहल और वन मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में वर्ष…

2 hours ago
मंत्री सारंग ने की नरेला विधानसभा के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

मंत्री सारंग ने की नरेला विधानसभा के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक

भोपाल सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने शुक्रवार को मंत्रालय में…

2 hours ago