भोपाल
रेलवे द्वारा डिजिटल टिकट बुकिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यात्रियों को एक बड़ी राहत दी जा रही है। अब कोटा मंडल के यात्री रेलवन मोबाइल ऐप के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर तीन प्रतिशत की सीधी छूट का लाभ उठा सकेंगे। यह सुविधा 14 जनवरी से प्रायोगिक रूप से आगामी छह माह की अवधि के लिए लागू की जा रही है।
यह छूट आर-वालेट को छोड़कर अन्य सभी डिजिटल भुगतान विकल्पों जैसे यूपीआई, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और नेट बैंकिंग पर लागू होगी। वहीं, आर-वालेट से टिकट बुक करने वाले यात्रियों को पहले की तरह तीन प्रतिशत बोनस कैशबैक मिलता रहेगा। यह प्रायोगिक योजना 14 जनवरी से 14 जुलाई तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद सेंटर फार रेलवे इंफार्मेशन सिस्टम द्वारा योजना की समीक्षा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
रेलवे का उद्देश्य इस पहल के माध्यम से यात्रियों को डिजिटल भुगतान के प्रति प्रोत्साहित करना, टिकट बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाना और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
वर्तमान में रेलवन ऐप पर केवल आर-वालेट के माध्यम से अनारक्षित टिकट बुक करने पर तीन प्रतिशत की राशि बोनस कैशबैक के रूप में दी जाती है। लेकिन नई व्यवस्था के तहत 14 जनवरी से सभी डिजिटल भुगतान माध्यमों से अनारक्षित टिकट बुक करने पर यात्रियों को तीन प्रतिशत की सीधी छूट प्रदान की जाएगी।
-सौरभ कटारिया, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक
मकर संक्रांति से पहले रेलवे की ओर से अपील
मकर संक्रांति का पर्व करीब आते ही भोपाल रेल मंडल ने आमजन से रेलवे लाइनों के आसपास पतंगबाजी न करने की अपील की है। रेलवे प्रशासन ने चेतावनी दी है कि हाई वोल्टेज बिजली लाइनों के कारण यह शौक जानलेवा साबित हो सकता है। भोपाल रेल मंडल में शत प्रतिशत ट्रेनों का संचालन 25,000 वोल्ट की हाई टेंशन विद्युत लाइनों के माध्यम से होता है, जिनमें 24 घंटे लगातार करंट प्रवाहित रहता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यदि पतंग का मांझा इन विद्युत तारों में उलझ जाता है, तो गीला, धातुयुक्त या सिंथेटिक मांझा करंट को सीधे पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति तक पहुंचा सकता है, जिससे गंभीर हादसा या मौत तक हो सकती है।
पूर्व में देश के विभिन्न हिस्सों में इस तरह की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें लोगों की जान गई है। वहीं पतंग और मांझे के बिजली की लाइनों में फंसने से न केवल जनहानि का खतरा रहता है, बल्कि रेल संचालन भी बाधित हो सकता है।
इससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होती है और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता है। मकर संक्रांति के अवसर पर भोपाल रेल प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे रेलवे ट्रैक, ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइनों और स्टेशन परिसरों के पास पतंगबाजी से बचें। सुरक्षित स्थानों पर ही पतंग उड़ाएं और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
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