राजनांदगांव, जल जीवन मिशन में अब तक कई गांवों में पानी की टंकियां नहीं बन पाई हैं। स्थिति यह है कि कई गांवों में पाइपलाइन का विस्तार तक नहीं हो पाया है। अब ऐसी स्थिति में विभाग ने ठेकेदारों को नोटिस जारी कर पुन: काम शुरू करने कहा तो कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पीएचई ने 76 ठेकेदारों के काम निरस्त कर दिए हैं। वहीं उन ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड भी कर दिया गया है, जिन्होंने अधूरे काम को पूरा करने के लिए रुचि नहीं दिखाई। अब आने वाले समय में विभाग की ओर से जल्द से जल्द पुन: टेंडर किया जाएगा।।
लंबे समय से निर्माण अधूरा होने की शिकायतें मिलने के बाद विभाग ने यह सख्ती बरती है। पहले भी काम में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों पर गाज गिरी है। इस बार विभाग की तरफ से रिटेंडर कर उन कामों को फिर से शुरू करने की पहल की गई है। तय समयावधि में इन कार्यों को नहीं किया गया। इन ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया था। जिले भर में ऐसे 76 काम हैं, जहां कार्यों को अपूर्ण बताया गया है। इनके ठेकेदारों पर सख्ती बरतते हुए विभागीय तौर पर ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई ईई पीएचई ने की है। जिले में 662 गांव शामिल हैं। इसमें 180 गांवों का काम अब तक पूरा नहीं हो पाया है।
16 हजार घरों में नहीं दिया गया कनेक्शन 2019 से जारी इस योजना में अब तक 16 हजार घर ऐसे हैं जहां पाइपलाइन का कनेक्शन नहीं पहुंच पाया है। कई स्थानों पर टंकियां तो बना दी गई हैं लेकिन वहां से कनेक्शन घरों तक ही नहीं पहुंचाया गया है। ऐसे में इस योजना का लाभ हितग्राहियों को मिल नहीं पा रहा है। शिकायत तो यह भी है कि कई गांवों में गलियों में पाइपलाइन बिछाने गड्ढे खोदे गए लेकिन उनको भरने का काम नहीं किया गया। इस वजह से गलियों में आवाजाही में परेशानियों का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है।
विभाग की ओर से सख्ती बरती गई मामले में विभाग की ओर से सख्ती बरती गई है। काम में रुचि नहीं लेने वाले ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया था। नोटिस जारी करने के बाद भी काम प्रारंभ नहीं किया। इसके बाद ऐसे ठेकेदारों के ठेके निरस्त किए गए और उन्हें ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है।
