भोपाल

आज मनेगी सर्वपितृ अमावस्य । यह पितृ पक्ष का आखिरी दिन है। इस दिन पितरों के लिए विशेष अनुष्ठान होंगे, जो लोग अपने पितरों का श्राद्ध उनकी तिथि पर नही कर पाए या उनकी तिथि ज्ञात नहीं है तो वो लोग सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर उनका श्राद्ध कर सकते हैं।

इस बार पितृ पक्ष का समापन शनिश्चरी सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या के विशिष्ट संयोग में होगा। इस दिन गजछाया योग का महासंयोग भी बन रहा है। ऐसे दिव्य संयोगों में पितरों का पूजन कल्याणकारी बताया गया है। सर्वपितृमोक्ष अमावस्या  पर शनिश्चरी का संयोग इससे पहले 2019 में बना था। अब अगला संयोग सन 2026 में बनेगा।

सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या
सर्व पितृ अमावस्या तिथि पर परिवार के उन मृतक सदस्यों का श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु अमावस्या तिथि, पूर्णिमा तिथि और चतुर्दशी तिथि को हुई हो, अमावस्या तिथि पर किया गया श्राद्ध परिवार के सभी पूर्वजों की आत्माओं को प्रसन्न करता है, इसलिए इस दिन सभी पूर्वजों के निमित्त भी श्राद्ध करना चाहिए। साथ ही जिन पूर्वजों की पुण्यतिथि ज्ञात नहीं है, उनका श्राद्ध भी अमावस्या तिथि पर किया जाता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों की अकाल मृत्यु हुई हो, उनके निमित्त भी सर्व पितृ अमावस्या के दिन अनुष्ठान कर सकते हैं। इसलिए अमावस्या श्राद्ध को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या कहा जाता है।

सर्वपितृ अमावस पर तर्पण के शुभ मुहूर्त
अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 13 अक्टूबर की रात 9 बजकर 50 मिनट पर प्रारम्भ होगी और 14 अक्टूबर की रात 11 बजकर 24 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या 14 को मनाई जाएगी। सर्वपितृ अमावस्या के दिन तर्पण के 3 शुभ मुहूर्त हैं।

कुतुप मूहूर्त  
सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
रोहिणी मूहूर्त
दोपहर 12:30 बजे से 01:16 बजे तक
अपराह्न काल
 दोपहर 01:16 बजे से 03:35 बजे तक

By kgnews

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