सावित्री ठाकुरका दावा: 2017 में ब्रिटिश म्यूजियम मान चुका था प्रतिमा वापसी, कोर्ट फैसले के बाद तेज हलचल

 धार

 ऐतिहासिक भोजशाला पर हाई कोर्ट के निर्णय के बाद धार सांसद और केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने दावा किया है कि ब्रिटिश संग्रहालय वर्ष 2017-18 में ही प्रतिमा लौटाने पर सहमत हो गया था, लेकिन एक शर्त के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी।

सावित्री ठाकुर ने बताया कि वाग्देवी की प्रतिमा को वापस लाने के लिए तत्कालीन राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी केंद्र सरकार की ओर से ब्रिटिश म्यूजियम प्रबंधन से चर्चा कर रहे थे। वर्ष 2014 से 2017 के बीच सुब्रमण्यम स्वामी ने चार बार भोजशाला का दौरा भी किया था।

सावित्री ठाकुर का कहना है कि वर्ष 2017-18 में ब्रिटिश म्यूजियम ने शर्त रखी थी कि वाग्देवी की प्रतिमा को उसी स्थान पर पुनर्स्थापित किया जाए, जहां पर वह पहले स्थापित थी। उस समय मामला हाई कोर्ट में लंबित होने के कारण यह शर्त पूरी नहीं हो सकी। हाई कोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रतिमा को भोजशाला में पुनर्स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। वह स्वयं इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व से चर्चा करेंगी।

बहुचर्चित भोजशाला परिसर में अलग ही भावनात्मक, धार्मिक और ऐतिहासिक वातावरण है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा भोजशाला को वाग्देवी मंदिर मानते हुए शुक्रवार को दिए महत्वपूर्ण फैसले के बाद श्रद्धालुओं का यहां पहुंचना जारी है। श्रद्धालु निर्धारित शुल्क (एक रुपया प्रति व्यक्ति) देकर परिसर में प्रवेश कर मां वाग्देवी की प्रतिमा के स्थान पर पहुंचकर श्रद्धा, आस्था और भावुकता के साथ नमन कर रहे हैं।

लगता है जैसे जीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो
मंदिर पक्ष में आए फैसले के बाद भोजशाला मुक्ति आंदोलन से जुड़े बुजुर्ग कार्यकर्ताओं और हिंदू समाज के वरिष्ठ लोगों की आंखों में संतोष, भावुकता और वर्षों के संघर्ष के बाद विजय की खुशी एक साथ दिखाई दी। 90 वर्षीय हिंदू नेता विमल गोधा ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन के कई दशक भोजशाला मुक्ति आंदोलन को समर्पित किए हैं। उन्होंने वह दौर भी देखा है, जब भोजशाला की बात उठाना ही संघर्ष माना जाता था। अब लगता है जैसेजीवन का सबसे बड़ा संकल्प पूरा हो गया हो।

आंदोलन से जुड़े रहे 75 वर्षीय सुरेशचंद्र भंडारी ने कहा कि यह आंदोलन सांस्कृतिक अस्मिता और इतिहास को बचाने की लड़ाई भी था। शुरुआती दौर में बहुत कम लोग खुलकर आंदोलन के साथ खड़े होते थे, लेकिन धीरे-धीरे यह जन आस्था का आंदोलन बन गया। अब ऐसा लग रहा है जैसे संघर्ष की हर पीड़ा सार्थक हो गई।

 

Admin

Share
Published by
Admin

Recent Posts

CG : CM विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर …

CG : CM विष्णुदेव साय आज कवर्धा दौरे पर …

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुबह 11:10 बजे रायपुर से कवर्धा के लिए रवाना होंगे.…

2 minutes ago
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : अरपा-बिहान के विष्णुभोग चावल को मिला जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : अरपा-बिहान के विष्णुभोग चावल को मिला जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही : अरपा-बिहान के विष्णुभोग चावल को मिला जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन महज…

38 minutes ago
डिंडौरी में आदिवासियों ने चंदा जुटाकर बना दिया सरकारी स्कूल, 3 साल तक नहीं मिली सरकारी मदद

डिंडौरी में आदिवासियों ने चंदा जुटाकर बना दिया सरकारी स्कूल, 3 साल तक नहीं मिली सरकारी मदद

डिंडौरी सरकारी दावों और खोखले आश्वासनों से जब मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के आदिवासियों…

49 minutes ago
कृत्रिम पैर से बबीता के जीवन को मिली नई दिशा, प्रशासन की संवेदनशील पहल बनी सहारा

कृत्रिम पैर से बबीता के जीवन को मिली नई दिशा, प्रशासन की संवेदनशील पहल बनी सहारा

रायपुर  संवेदनशील प्रशासन और समय पर मिली सहायता ने रायगढ़ जिले की 27 वर्षीय बबीता…

50 minutes ago
ग्वालियर की धरोहर को मिलेगी वैश्विक पहचान, 10 जुलाई को एक्शन प्लान पर होगा मंथन

ग्वालियर की धरोहर को मिलेगी वैश्विक पहचान, 10 जुलाई को एक्शन प्लान पर होगा मंथन

ग्वालियर मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्वालियर किले और राज्य पुरातत्व संरक्षित स्मारकों के संरक्षण के…

1 hour ago
2053 तक स्वच्छ रहेगी बेतवा नदी, 30 साल का मास्टर प्लान तैयार; पहले रुकेंगे नाले, फिर पहुंचेगा साफ पानी

2053 तक स्वच्छ रहेगी बेतवा नदी, 30 साल का मास्टर प्लान तैयार; पहले रुकेंगे नाले, फिर पहुंचेगा साफ पानी

भोपाल  बेतवा नदी पुनर्जीवन परियोजना को दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ तैयार किया जा रहा है।…

1 hour ago