इंदौर
मध्य प्रदेश के क्राइम ब्रांच की पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर गुजरात से फर्जी काल सेंटर के जरिये अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले जालसाज करण भट्ट को गिरफ्तार कर लिया है। मालूम हो कि क्राइम ब्रांच उसकी तलाश गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र में कर रही थी। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ ने डेढ़ साल से फरार इस ठग के खिलाफ सबूत सौंपे थे। जानकारी हो कि आरोपित करण भट्ट डेट्स देम वेब साइट डाटकाम से अमेरिकी नागरिकों के डेटा (मोबाइल नंबर) निकालकर उन्हें अमेरिकी उच्चारण में वायस मेल के जरिये भेजता था। इसमें वह अपने आप को अमेरिकी सोशल सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन का अधिकारी बताता था। सोशल सिक्येरिटी नंबर (एसएसएन) में बैंक फ्राड, चेक फ्राड, ड्रग ट्रैफिकिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट, ब्लीचिंग कांट्रैक्ट सहित अन्य अवैध गतिविधियों में लिप्त होने की धमकी देकर अपने खाते में रुपये जमा करा लेता था। जांच में यह भी सामने आया कि विदेशियों से ठगा पैसा हांगकांग और चीन के बैंक खातों के जरिये भारत पहुंचा था।

अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआइ भी आरोपित करण भट्ट के साथियों की गिरफ्तारी के बाद चौंक गई। एजेंसी ने पीड़ित नागिरकों की बातें जानकारी लेकर क्राइम ब्रांच को सौंपे। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने करण की तलाश और तेज कर दी फिर उसे दबोच लिया गया। जानकारी हो कि पुलिस ने करण की तलाश में गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में छापे मारे, लेकिन उसका पता नहीं चल पा रहा था। शुक्रवार रात क्राइम ब्रांच ने करण भट्ट को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया। मालूम हो कि डीसीपी (अपराध) निमिष अग्रवाल ने करण की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच और जिला विशेष शाखा के अफसरों की टीम बनाई थी। उससे विदेशियों के संबंध में गोपनीय स्थान पर पूछताछ चल रही है। क्राइम ब्रांच ने छह नवंबर 2020 को निपानिया स्थित ओके सेंट्रल बिल्डिंग में छापा मारकर फर्जी इंटरनेशनल काल सेंटर को पकड़ा था। पुलिस ने यहां से जोशी फ्रांसिस (मैनेजर), जयराज पटेल (आइटी हेड), मेहुल (क्लोजर इंचार्ज), संदीप, यश प्रजापति, हिमांशु सांचला, अक्षत, चंचल, रोहित, विशाल, विश्व दवे, रोशन गोस्वामी, जितेंद्र रजक, अर्चित विजयवर्गीय, राहुल श्रीवास्तव, करण पटेल, कुलदीप, चिंतन गदोया, महिमा पटेल, आकृति ठाकुर, आलिया शेख सहित 22 लोगों को गिरफ्तार किया था। काल सेंटर का सरगना करण भट्ट और हर्ष भावसार फरार हो गए थे।

By kgnews

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