खंडवा
संत रैदास वार्ड में करीब 12 एकड़ क्षेत्र में फैले ट्रेंचिंग ग्राउंड में कचरे के ढेरों को खत्म करने के लिए नगर निगम भोपाल की कंपनी लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट के तहत काम कर रही है। करीब छह करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत काम करते हुए कंपनी को एक महीना बीत चुका है लेकिन ट्रेंचिंग ग्राउंड में मौजूद कचरे के ढेरों को कंपनी के कर्मचारी सुखा तक नहीं पाए हैं। बारिश के पानी से नम कचरा नहीं सूखने से इसका निस्तारीकरण भी नहीं हो पा रहा है।
आचार संहिता से पूर्व नगर निगम द्वारा ताबड़तोड़ करीब छह करोड़ के लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट के प्रोजेक्ट का वर्क आर्डर जारी किया गया था ताकि काम गति पकड़े लेकिन वर्तमान स्थिति देखें तो यहां कचरे की रिसाइक्लिंग तक कंपनी शुरू नहीं कर पाई है। इसका मुख्य कारण यह है कि यहां मौजूद कचरा गीला है, ऐसे में इसे मशीन में प्रोसेसिंग के लिए नहीं डाला जा सकता है। हालांकि कंपनी के कर्मचारी पोकलेन मशीनों के माध्यम से कचरे के बड़े ढेरों को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट रहे हैं ताकि ये जल्द से जल्द सूख सकें।
50 वार्डों से निकलने वाला कचरा पहुंचता है
इधर कंपनी द्वारा करीब दस दिन पूर्व एक नई ट्रा-मेल मशीन भी ट्रेंचिंग ग्राउंड पर बुलाई गई है। इस मशीन से कचरे की रिसाइक्लिंग का ट्रायल भी हो चुका है लेकिन जब तक कचरा पूरी तरह से सूख नहीं जाता है, मशीन का उपयोग शुरू नहीं हो पाएगा। विदित हो कि ट्रेंचिंग ग्राउंड पर शहर के 50 वार्डों से निकलने वाला कचरा पहुंचता है। फिलहाल इस कचरे की रिसाइक्लिंग नगर निगम द्वारा अपने स्तर पर कराई जा रही है।
दीपावली का पर्व होने की वजह से शहर से निकलने वाले कचरे की मात्रा भी बढ़ गई है। पहले जहां 25 से 30 टन कचरा निकलता था वहीं अब 38 टन कचरा आ रहा है। ट्रेंचिंग ग्राउंड पर वर्षों पुराने कचरे के ढेर पहाड़ का रूप ले चुके हैं। कई बार इस कचरे में आग लगने से शहर के कई इलाकों में धुएं के गुबार के कारण रहवासियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। यही कारण है कि नगर निगम द्वारा लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट के अंतर्गत कचरे के ढेरों को खत्म करने का प्रोजेक्ट शुरू कराया है।
इस तरह होता है लीगेसी वेस्ट मैनेजमेंट का काम
ट्रामेल मशीन के माध्यम से विभिन्न आकार और प्रकार के कचरे को अलग किया जाता है। कचरे से प्राप्त उपयोगी वस्तु प्लास्टिक, कागज, लोहा को उपयोग के अनुसार निस्तारित किया जाता है।
शेष रही गिट्टी को ट्रेंचिंग ग्राउंड में बिछाकर समतल किया जाता है। प्लांट में पुराने कूड़े से प्लास्टिक पॉलीथिन ज्वलनशील पदार्थ को अलग किया जाता है। मिट्टी और कंक्रीट को भी अलग किया जाता है। लीगेसी वेस्ट से निकलने वाले प्लास्टिक का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है।इस ईंधन की मांग सीमेंट फैक्ट्रियों में भी रहती है।
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