पेंशन विवाद में हाईकोर्ट ने CMPF आयुक्त को चेतावनी दी, हाजिर नहीं होने पर होगी गिरफ्तारी

जबलपुर 

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने कोल माइंस प्राविडेंट फंड (सीएमपीएफ) के क्षेत्रीय आयुक्त, जबलपुर को 11 फरवरी को हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। यदि वे हाजिर नहीं हुए तो उनके विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी करने की चेतावनी दी गई है। मामला एक सेवानिवृत्त कर्मचारी के परिवार से जुड़ा है, जो 14 साल से लंबित पेंशन मामले का दंश भोग रहा है। प्रकरण मूलतरू लिपिकीय त्रुटि से दोहरे प्राविडेंट फंड खाते से जुड़ा है।

शहडोल जिला अंतर्गत धनपुरी निवासी 57 वर्षीय विमला बाई के पति स्व. संपत द्वारा मूल रूप से याचिका दायर की गई थी, जिनका निधन याचिका की सुनवाई दौरान हो गया था। विमला बाई अब उनकी कानूनी उत्तराधिकारी के रूप में मामला लड़ रही हैं। याचिका के अनुसार मृतक संपत ने वर्ष 1972 को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में शहडोल जिले के धनपुरी खदान में स्वीपर के पद पर नियुक्ति पाई थी और वर्ष 2012 को 40 वर्ष से अधिक सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए थे। किन्तु याचिकाकर्ता को वर्ष 1972 से 1981 के दौरान का प्रोविडेंट फंड, ग्रेच्युटी और अन्य लाभ नहीं दिए गए।

मामले का मूल कारण साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की एक लिपिकीय त्रुटि बताई गई है। कर्मचारी संपत के लिए गलती से दो सीएमपीएफ खाते (1972 और 1981) खोल दिए गए। 1981 वाले खाते को मुख्य मान लिए जाने के कारण 1974 से 1981 तक के उनके सीएमपीएफ अंशदान योगदान की गणना नहीं की गई। इस मामले में 23 फरवरी, 2022 को भी हाई कोर्ट में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई थी। उस समय सीएमपीएफ ने कोर्ट को बताया था कि उनका जवाब तो 2013 में ही दाखिल हो गया था, जबकि अन्य पक्षों (एसईसीएल आदि) के 2019 में जवाब दाखिल करने के बाद ही उन्हें पता चला कि याचिकाकर्ता के दो पीएफ खाते हैं। मार्च 1974 से मार्च 1981 की अवधि के दौरान कटने वाला सीएमपीएफ अंशदान, जो मूल खाता संख्या से संबद्ध था, अद्यतन नहीं हो सका।

इस कारण इसी त्रुटि के कारण 1972 से 1982 की अवधि के लाभ का भुगतान नहीं हो पाया था। याचिकाकर्ता के अनुसार इस त्रुटि के कारण न केवल भविष्य निधि का पूर्ण भुगतान बाधित हुआ, बल्कि पेंशन की गणना भी अधूरी रह गई, जिससे याचिकाकर्ता को भारी आर्थिक क्षति हुई। तब कोर्ट ने सीएमपीएफ को चार सप्ताह का समय देते हुए आदेश दिया था कि वह याचिकाकर्ता को बकाया लाभ का भुगतान करे और यह दर्शाता हलफनामा दाखिल करे। हाई कोर्ट ने ताजा सुनवाई में पाया कि 2022 का आदेश आज तक पूरी तरह लागू नहीं हुआ है।

 

Admin

Share
Published by
Admin
Tags: High Court

Recent Posts

योग को जीवनशैली में शामिल करें, स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर बढ़ें: राज्यपाल रमन डेका

योग को जीवनशैली में शामिल करें, स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर बढ़ें: राज्यपाल रमन डेका

रायपुर. राज्यपाल रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित…

1 hour ago
CG : करें योग रहें निरोग – पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

CG : करें योग रहें निरोग – पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर,  देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व एवं प्रेरणा से आयोजित 12वें विश्व योग…

1 hour ago
CG : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित

CG : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित

विधायक, कलेक्टर सहित सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक किया योगाभ्यासनशामुक्ति शपथ एवं वृक्षारोपण भी…

1 hour ago
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में बांटे गोल्ड मेडल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में बांटे गोल्ड मेडल

जबलपुर. रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह रविवार को उस समय ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण…

1 hour ago
CG : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में साइकिल रैली का आयोजन

CG : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में साइकिल रैली का आयोजन

विधायक, कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना रायपुर, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के…

1 hour ago
CG : कोटमहर गार्डन में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

CG : कोटमहर गार्डन में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया योगाभ्यास, स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग अपनाने का दिया…

1 hour ago