भोपाल
राजधानी में एक बार फिर लो फ्लोर बसों के पहिए थम सकते हैं, जिसका कारण तीन प्रमुख ऑपरेटरों और ड्राइवर-कंडक्टर के बीच वेतन व पुराने बकाया को लेकर शुरू हुआ विवाद है। कर्मचारियों ने अगले महीने से काम बंद करने की चेतावनी दी है। कर्मचारियों की इस चेतावनी का हवाला देते हुए भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के ऑपरेटरों ने संस्था से स्पष्ट कहा है कि अगले महीने से बसों का संचालन करना मुश्किल हो जाएगा।
कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं
भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के पास फिलहाल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का कोई वैकल्पिक साधन उपलब्ध नहीं है। टेंडर अवधि समाप्त होने के बावजूद ऑपरेटरों से सीएनजी से चलने वाली लो फ्लोर बसों का संचालन कराया जा रहा था। शहर में फिलहाल मुश्किल से 50 लो फ्लोर बसें ही संचालित हो रही हैं। यदि यह विवाद बढ़ता है, तो मई महीने में बसों का संचालन बंद हो सकता है।
बताया जाता है कि भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को सरकार ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को सौंपने का निर्णय लिया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है। इससे पहले इलेक्ट्रिक बसें लाकर संचालन शुरू करने का दावा किया गया था, लेकिन अब तक इसका ढांचा तैयार नहीं हो सका है।
20 ई-बसें दौड़ाने की तैयारी
राजधानी में जल्द ही ई-बसें चलाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में जून से 20 बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी, जिससे शहरवासियों को राहत मिलने की उम्मीद है। ई-बसों के लिए संत नगर में आधुनिक सुविधाओं से लैस डिपो बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 20 करोड़ रुपये है।






