भोपाल.
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार युवा मतदाता निर्णायक भूमिका निभाने की स्थिति में हैं। संख्या और एकजुटता के आधार पर सत्ता की चाबी युवा वर्ग के हाथों में जा सकती है। शायद यही कारण है कि भाजपा और कांग्रेस दोनों प्रमुख दलों का फोकस युवा मतदाताओं पर है।
शिवराज सरकार ने दिया संदेश
शिवराज सरकार ने सीखो कमाओ योजना के जरिए यह बता दिया है कि सरकार इस वर्ग से खुद को जोड़ने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ने वाली। वहीं कांग्रेस भी प्रोत्साहन योजना की गारंटी देने की योजना पर काम कर रही है। पार्टी के वचन पत्र में प्रोत्साहन योजना की बात दिख सकती है।
नए मतदाता दोनों प्रमुख दलों के केंद्र में
कांग्रेस के नेता कहते हैं कि बेरोजगारी भत्ता की जगह प्रोत्साहन राशि देने के विकल्प पर काम किया जा रहा है, जिसे वचन पत्र में शामिल किया जाएगा। इस बार नए मतदाता दोनों प्रमुख दलों के केंद्र में हैं। युवाओं को अपने पाले में लाने के लिए राजनीतिक दलों के युवा विंग के कार्यकर्ता स्कूल-कालेजों और हास्टलों के चक्कर काटते देखे जा रहे हैं।
आइए आंकड़ों से समझते हैं युवा मतदाताओं की स्थिति
राज्य में कुल मतदाता- 5.39 करोड़ से अधिक
युवा मतदाता
पहली बार के मतदाता
पिछले चुनाव में हार गए थे तमाम युवा प्रत्याशी
औसत आयु
51 वर्ष है सदन में विधायकों की औसत आयु
2013 में 47 वर्ष थी विधायकों की औसत आयु
सबसे अधिक युवा वोटर
5.06 प्रतिशत मतदाता हैं शमशाबाद सीट पर
सबसे कम युवा वोटर
1.16 प्रतिशत भोपाल मध्य सीट पर
रायपुर. लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने आज बिलासपुर में नेहरू चौक…
नई दिल्ली. त्विषा शर्मा डेथ केस में एक बड़ी खबर सामने आई है। त्विषा की…
धार धार भोजशाला विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट में तीसरी याचिका लगी है। सुप्रीम कोर्ट…
जांजगीर-चांपा. पुलिस महकमे की कार्यशैली में कसावट के लिहाज से जांजगीर-चाम्पा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार…
खजुराहो पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग…
लोरमी/मुंगेली. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भी स्कूल से गायब रहना…