भोपाल
प्रदेश में अब महिलाएं मॉल, बाजारों और कारखानों में रात की शिफ्ट में भी काम कर सकेंगी। इसके लिए महिलाओं की लिखित सहमति जरूरी होगी। नियोक्ता को कुछ शर्तों का पालन भी करना होगा। दुकानों-बाजारों में महिलाओं से रात में काम कराने के लिए वहां कम से कम 10 या उससे ज्यादा महिलाएं नियुक्त होनी चाहिए।
रात 9 बजे से सुबह 7 बजे तक कर सकेंगी काम
महिलाएं रात 9 से सुबह 7 बजे तक काम कर सकेंगी। कारखानों में भी रात 8 से सुबह 6 बजे तक काम कर सकेंगी। कारखाने में एक तिहाई महिला कर्मचारी शिफ्ट सुपरवाइजर या फोरमेन के रूप में काम करना चाहिए। इससे महिलाओं के सशक्त होने के साथ ही प्रदेश के विकास का रास्ता भी खुलेगा।
ओवरटाइम कराने पर दोगुना वेतन
कर्मचारियों से ओवरटाइम कराने पर दोगुना वेतन दिया जाएगा। मध्यप्रदेश कारखाना संशोधन अधिनियम 2025 के जरिए सरकार ने इसका रास्ता खोल दिया है। संशोधन अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद 14 नवंबर 2025 से लागू हो गया है। सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है।
राज्य सरकार ने पहले 26 जून 2016 को एक नियम खत्म कर दिया था। इस नियम के अनुसार, महिलाएं रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी कारखाने या प्रोडक्शन यूनिट में काम नहीं कर सकती थीं। सरकार ने 'कारखाना अधिनियम' की शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए यह फैसला लिया था। अब, सरकार ने महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने की अनुमति देकर एक नया कदम उठाया है।
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