बालोद जिले में एक बार फिर से दंतैल हाथी ने दस्तक दी है। वन विभाग लगातार स्कीम मॉनिटरिंग कर रहा है धमतरी के वन क्षेत्र से इस बार हाथी ने जिले में प्रवेश किया है। बालोद जिले के गुरुर वन परिक्षेत्र के बालोदगहन परिसर स्थित वन कक्ष क्रमांक दो,तीन आरएफ क्षेत्र में मौजूद है और वन विभाग टीम भी पीछे- पीछे घूम रही है। आपको बता दें कि लगभग तीन से चार वर्ष हो गए हाथियों की टीम बालोद जिले में सक्रिय बनी है। कभी आते हैं कभी जाते हैं और अब तक आधा दर्जन व्यक्तियों की जान भी यह दंतैल हाथी ले चुके हैं।
फसलों को पहुंचाया नुकसान
हाथियों ने खेतों को काफी नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग इसकी मॉनीटरिंग कर रहा है जिसके बाद मुआवजा प्रकरण भी बनाया जाएगा। आपको बता दें कि कृषि कार्य जोरों पर हैं और धान की फसलें पूरी तरह खड़ी हुई हैं। ऐसे में हाथी के दस्तक से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
दर्जन भर गांवों में हाई अलर्ट
हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने बोरिदकला, मुडखुसरा सहित कुल 11 गावों में अलर्ट जारी कर दिया है। क्षेत्र के ग्रामीणों को जंगल की ओर न जाने व सतर्क रहने के लिए निर्देशित किया गया है।
अब तक 163 घर तोड़े
हाथी लगभग दो से तीन वर्षों से बालोद जिले में सक्रिय हैं और अब तक हाथियों द्वारा 163 मकानों को क्षतिग्रस्त किया गया है और आधा दर्जन लोगों की मृत्यु हो चुकी है। सभी मृतक वनांचल क्षेत्र के बताए जा रहे हैं वन विभाग लगातार लोगों को जागरुक कर रहा है।
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