राजनांदगांव , प्री मानसून बारिश इस बार निराशाजनक रही है। 1 जून से मानसून के प्रभावी होने तक के समय को प्री मानसून पीरियड माना जाता है। इस दौरान भी गरज-चमक के साथ बारिश होती है। लेकिन इस बार प्री मानसून बारिश की स्थिति बीते दस साल में सबसे कमजोर रही है।
1 जून से 22 जून तक जिले में सिर्फ 8 मिमी औसत बारिश दर्ज हुई है। यह इन दिनो की औसत बारिश से 90 फीसदी कम है। यानी पूरा प्री मानसून पीरियड सूखा ही बीत गया है। इधर मौसम विभाग ने बस्तर के दंतेवाड़ा में दक्षिण पश्चिम मानसून की एंट्री की पुष्टि की है। इसे लेकर मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून के आगे बढ़ने की जो गति बनी हुई है। उस हिसाब से राजनांदगांव सहित प्रदेश के अन्य जिलों में प्रभावी होने से तीन से चार दिन का समय लग सकता है।
येलो अलर्ट: हवा की गति भी 40 किलोमीटर होगी मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए जिले को येलो अलर्ट पर रखा है। इस दौरान तेज अंधड़ चलने और गरज चमक के साथ बारिश की स्थिति बन सकती है। हवा की गति 30 से 40 किमी. प्रतिघंटा की रह सकती है। मानसून के करीब आने से मौसम में बदल रहा है।
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