राजनांदगांव , राजनांदगांव के विकासखंड स्थित ग्राम सिंघोला अब आत्मनिर्भरता की मिसाल बनने की ओर तेजी से बढ़ रहा हैं। यहां 31 महिला स्वयं सहायता समूहों की 318 महिलाएं विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर गांव को ‘लखपति दीदी ग्राम’ बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने शनिवार को ग्राम सिंघोला का दौरा कर महिला समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की और आय के नए स्रोत विकसित करने के सुझाव दिए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुरुचि सिंह भी मौजूद रहीं। इस दौरान कलेक्टर ने लखपति दीदी लाया साहू की इलेक्ट्रिक दुकान और अनीता साहू की प्लास्टिक बोरी सिलाई इकाई का निरीक्षण कर उनके प्रयासों को सराहा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी महिलाओं को जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि उनकी आय में और वृद्धि हो सके। इस दौरान 5 लखपति दीदियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
सिंघोला में 31 महिला स्व सहायता समूह सक्रिय हैं उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) अंतर्गत देश की 3 करोड़ लखपति दीदी के लक्ष्य में अपनी भागीदारी निभाते हुए राजनांदगांव जिले की 39771 लखपति दीदी ने विभिन्न गतिविधि के माध्यम से विविध आय के स्त्रोत तैयार कर लिया है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत सिंघोला में सभी 31 महिला स्वयं सहायता समूह की 318 समूह सदस्यों ने विभिन्न आय मूलक गतिविधि से जोड़ते हुए लखपति दीदी ग्राम बनने की ओर अग्रसर हुए हैं। जिससे बहुत जल्द ही ग्राम पंचायत सिंघोला शत-प्रतिशत लखपति ग्राम की श्रेणी में दर्ज किया जा सकेगा।
