राजनांदगांव , जैन श्रीसंघ में जैन बगीचा प्रांगण में 7 मार्च को प्रवचन प्रवीणा साध्वी स्नेहयशाजी महाराज की निश्रा में श्रद्धालुओं ने दादा गुरु इकत्तीसा पाठ किया। श्रीजैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक संघ व दादा जिनदत्त सूरी सेवा संघ के सहयोग से श्रावक-श्राविकाओं ने दादागुरु इकत्तीसा का सामूहिक पाठ किया। इस अवसर में साध्वीवर्या ने बताया कि प्रथम दादागुरु युगप्रधान जैन आचार्य जिनदत्त सूरी महाराज 11वीं शताब्दी के महान आध्यात्मिक आचार्य माने जाते हैं।

परंपरा अनुसार अजमेर में राजा अर्णोराज की प्रदत्त भूमि पर उनका अग्नि संस्कार हुआ था, जहां चादर का नहीं जलना आस्था का केंद्र बना। वर्तमान में यह चादर जैसलमेर स्थित श्रीजिनभद्र सूरी ज्ञान भंडार में सुरक्षित है। इकत्तीसे पाठ का संचालन विनय बैद और संजय बागरेचा ने किया। इस अवसर पर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष अजय सिंगी, ट्रस्टी भावेश बैद, सचिव नीलेश लोढ़ा, सकल जैन संघ के अध्यक्ष विनय डढ़ढा, मिश्रीलाल गोलछा, आनंद चोपड़ा, मनोज बैद सहित सैकड़ों श्रावक-श्राविकाएं उपस्थित थीं।

By kgnews

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