राजनांदगांव , जिलेभर की समितियों में अब भी करीब 15 करोड़ का 49 हजार क्विंटल धान खुले आसमान नीचे पड़ा होने से बारिश में भीग रहा है। उठाव की अंतिम तिथि 31 मई तक 50 हजार क्विंटल शेष था। करीब 22 दिनों में 1 हजार क्विंटल का उठाव किया जासका। मिलर्स पर दबाव बनाने के बाद भी उठाव में तेजी नहीं आई। इससे शासन को नुकसान होगा। लगातार तेज धूप और अब बारिश में भीगने के कारण समितियों में रखे इस धान की गुणवत्ता बेहद खराब होती जा रही है।
समितियों से धान का उठाव नहीं हो सका। खरीफ सीजन से पहले धान नहीं उठा तो धान रखने की समस्या होगी। बीते खरीफ सीजन में 62 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया था। इसमें मिलर्स ने उठाव किया बाकी धान को जिले के चार संग्रहण केन्द्रों में सुरक्षित किया गया। लेकिन समितियों में शेष धान की शुरुआती दिनों में निगरानी, सुरक्षा की गई अब मवेशी, चूहे, धूप और बारिश इसे नुकसान पहुंचा रही है।
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