राजनांदगांव, सीबारसी ठाकुरटोला में शुक्रवार को सिजोफ्रेनिया दिवस पर समावेशी शिक्षा और विशेष शिक्षकों के लिए नवाचारी गतिविधियों पर प्रशिक्षण हुआ। कार्यक्रम में दुर्ग संभाग से 38 और रायपुर संभाग से 41 बीआरपी शमिल हुए। इसका शुभारंभ निदेशक स्मिता महोबिया, एीसी केपी विश्वकर्मा और बीआरपी ने किया।
प्रशिक्षण में सीआरसी के पुनर्वास प्रोफेशनल ने साइन लैंगवेजइंटर प्रेटर के साथ सिजोफ्रेनिया डिसऑडर्स की जानकारी दी। सीआरसी और सीडीईआईसी में दी जाने वाजी स्पीच थेरेपी, हियरिंग, मनोविज्ञान, प्रोस्थेटिक एंड ऑर्थोटिक्स, फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, विशेष शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा ओर विजन थेरेपी की जानकारी दी गई। दिव्यांगजनों के लिए निर्मया योजना और राष्ट्रीय न्यास अधिनियम के तहत मिलने वाली योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
