खैरागढ़ l ग्राम पंचायत दपका के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में वर्ष 2018-19 में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 6.45 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन छज्जा लेवल तक पहुंचकर रुक गया। आज करीब आठ वर्ष बीत चुके हैं, फिर भी भवन अधूरा पड़ा है और धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है। जिस भवन में बच्चों की पढ़ाई होनी थी, वहां अब झाड़ियां उग आई हैं।
शासन की राशि खर्च होने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं हुआ। निर्माण कार्य वर्ष 2015 से 2020 तक सरपंच रहीं कुंती देवांगन के कार्यकाल में शुरू हुआ। उनका कहना था कि स्वीकृत राशि से अधिक काम कराया गया, लेकिन मूल्यांकन के अनुरूप भुगतान नहीं मिला। इसके बाद वर्ष 2020 से 2025 तक सरपंच रहीं सुनीता साहू ने अधूरे भवन को पूरा कराने के बजाय पूरा मामला पिछली पंचायत के सिर छोड़ दिया। एक ने भुगतान का बहाना बनाया तो दूसरी ने पुरानी पंचायत पर जिम्मेदारी डाल दी। नतीजा यह रहा कि पांच साल और बीत गए, लेकिन बच्चों के हिस्से का अतिरिक्त कक्ष अधूरा ही रह गया।
भवन को पूरा कराने तीसरे सरपंच के कार्यकाल में भी नहीं की जा रही पहल वर्तमान में वर्ष 2025 से केसरी नेताम सरपंच हैं, लेकिन उनके कार्यकाल में भी अधूरे भवन को पूरा कराने की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दे रही है। दो सरपंचों के पूरे कार्यकाल गुजर चुके हैं और तीसरे का कार्यकाल भी चल रहा है, फिर भी भवन जस का तस खड़ा है। इससे साफ है कि केवल पंचायत ही नहीं, बल्कि जनपद पंचायत, तकनीकी अमला और निर्माण की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी भी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे हैं।
जांच कराई जाएगी: सीईओ खैरागढ़ जनपद हिमांशु गुप्ता सीईओ मामले की पूरी जानकारी लेकर जांच कराई जाएगी।
जिम्मेदारों से वसूली हो और भवन जल्द पूरा किया जाए पूरे मामले की तकनीकी व वित्तीय जांच कर यह तय किया जाना चाहिए कि निर्माण अधूरा छोड़ने का जिम्मेदार कौन है। जिन जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, इंजीनियरों या कार्य एजेंसी की लापरवाही सामने आए, उनसे नियमानुसार सरकारी राशि की वसूली की जाए और दोषियों पर कार्रवाई हो या अधूरे भवन का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए, ताकि आठ वर्षों से अतिरिक्त कक्षा का इंतजार कर रहे विद्यार्थियों को उनका अधिकार मिल सके। सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरे ढांचे खड़े करना नहीं, बल्कि जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए 26 दिन बीत गए। इसके बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां के बच्चों को इस सत्र भी सुविधा नहीं मिल पाई।
बिलासपुर. बिलासपुर जिले में बाल संप्रेक्षण गृह के पदस्थ सुरक्षा गार्ड की हत्या की सनसनीखेज…
जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जुड़ा वेतन घोटाला अब सिर्फ एक…
दतिया दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के अंतिम दौर में भावुक…
रतलाम मध्य प्रदेश की राजनीति में अपनी अलग कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले सैलाना…
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन प्रश्नकाल के दौरान छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता…
पिछड़ा वर्ग विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना से संवर रहा पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों का भविष्य:…