रायपुर : त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में अभ्यर्थी किसी व्यक्ति को अपना निर्वाचन अभिकर्ता नियुक्त कर सकते हैं। निर्वाचन अभिकर्ता ऐसे ही व्यक्ति को नियुक्त किया जा सकता है जो पंचायत के किसी निर्वाचन में निर्वाचित किये जाने या उसमें मतदान करने योग्य हो। निर्वाचन अभिकर्ता चुनाव संबंधित सभी कार्यों को अभ्यर्थी के प्रतिनिधि की हैसियत से कर सकता है। निर्वाचन अभिकर्ता द्वारा किये गए किसी भ्रष्ट आचरण के लिए भी अभ्यर्थी ही दोषी माना जाता है और इस आधार पर उसका निर्वाचन रद्द भी किया जा सकता है। अतः निर्वाचन अभिकर्ता के चयन में अभ्यर्थी को पर्याप्त सावधानी बरतनी चाहिए।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थी जिस वार्ड अथवा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे है यदि उसमें एक से अधिक मतदान केन्द्र हो तो मतदान के दिन निर्वाचन अभिकर्ता के लिए प्रत्येक मतदान केन्द्र में लगातार उपस्थित रहना कठिन होगा, इसके लिए अभ्यर्थी को प्रत्येक मतदान केन्द्र के लिए एक मतदान अभिकर्ता नियुक्त करने का अधिकार है।
पंचायत निर्वाचन में निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बहुत अधिक रहने के कारण मतदान केन्द्र पर सभी अभ्यर्थियों या उनके अभिकर्ताओं को बैठाने में कठिनाई होती है इसके लिए आयोग ने यह निर्णय लिया है कि निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यर्थियों की संख्या 6 से अधिक हो तो अभ्यर्थियों या उनके अभिकर्ताओं को 2, 3 या 4 समूहों में बांट दिया जाएगा और प्रत्येक समूह को मतदान के दौरान मतदान केन्द्र के अंदर बारी-बारी से 2-2 घंटे के लिए बैठने की अनुमति दी जाएगी। प्रथम समूह के अंतर्गत आने वाले अभ्यर्थियों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को मतदान प्रारंभ होने के समय से 2 घंटे के लिए 7 बजे से 9 बजे तक मतदान केन्द्र के अंदर बैठने की सुविधा दी जाएगी। उसके पश्चात दूसरे समूह और उसके बाद तीसरे और फिर चौथे समूह के अभ्यर्थियों या उनके निर्वाचन अभिकर्ताआंे को बारी-बारी से दो-दो घंटे के लिए मतदान केन्द्र के अंदर बैठने दिया जाएगा।
यदि कोई अभ्यर्थी अपने अभिकर्ता की जगह स्वयं बैठना चाहे तो उसके अभिकर्ता को बाहर जाना होगा। इसी प्रकार मतगणना के समय भी प्रत्येक अभ्यर्थी या उसकी अनुपस्थिति में उसका अभिकर्ता मतदान केन्द्र पर चल रही मतों की गणना देख सकता है और बंद किये जाने वाले लिफाफों आदि में अपनी सील लगा सकता है।
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