CG : मरका प्राथमिक शाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता की होगी जांच …

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बेमेतरा । मुख्यमंत्री जतन योजना के अंतर्गत विकासखंड बेमेतरा के शासकीय प्राथमिक शाला मरका में निर्माणाधीन अतिरिक्त कक्ष एवं हॉल निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच के लिए जिला प्रशासन ने चार सदस्यीय संयुक्त जांच दल का गठन किया है। कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के अनुसार जांच दल सात दिवस के भीतर अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।

उल्लेखनीय है कि विकासखंड बेमेतरा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला मरका में मुख्यमंत्री जतन योजना के तहत दो अतिरिक्त कक्ष एवं एक हॉल के निर्माण कार्य को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी बीच एक समाचार पत्र में ’’हैंडओवर से पहले ही नए स्कूल भवन में दरारें, 24 लाख के निर्माण पर उठे सवाल’’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष एवं तकनीकी जांच कराने का निर्णय लिया।

कलेक्टर के आदेशानुसार गठित संयुक्त जांच दल में विभिन्न विभागों के तकनीकी अधिकारियों को शामिल किया गया है, ताकि निर्माण कार्य के प्रत्येक पहलू का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण किया जा सके। जांच दल में लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता डी.के. चंदेल, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अनुविभागीय अधिकारी अमर सिंह पेकरा, सी.जी.एम.एस.सी. के उपअभियंता कमल सिन्हा तथा मंडी बोर्ड के उपअभियंता परवेज बेग को सदस्य बनाया गया है।

जांच दल निर्माण कार्य की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, उपयोग की गई निर्माण सामग्री, निर्माण प्रक्रिया तथा कार्य की प्रगति का विस्तृत परीक्षण करेगा। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी अनियमितता अथवा गुणवत्ता में कमी पाई जाती है, तो उसके संबंध में स्पष्ट प्रतिवेदन जिला प्रशासन को प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके आधार पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर ने जांच दल को निर्देशित किया है कि वह सात दिवस के भीतर स्थल निरीक्षण कर निष्पक्ष, तथ्यपरक एवं विस्तृत जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करना सुनिश्चित करे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय निर्माण कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं के अंतर्गत निर्मित होने वाली सभी सार्वजनिक परिसंपत्तियां निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हों तथा आम नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

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