न्यायालय ने डोडाचूरा तस्कर दो आरोपियों को 10 वर्ष का सश्रम कारावास

नीमच
 न्यायालय ने डोडाचूरा तस्कर (Dodachura smuggler) को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये के जुर्माने से दंडित भी किया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश अनुज कुमार मित्तल ने सुनाया है।

अपर लोक अभियोजक अरविन्द शर्मा द्वारा घटना की जानकारी देते हुुए बताया कि घटना लगभग 6 वर्ष पूर्व दिनांक 19.12.2016 की प्रातः के लगभग 4 बजे थाना जावद क्षैत्र के अंतर्गत आने वाले लासूर-धामनिया मार्ग स्थित मोरवन तिराहा की हैं। सरवानिया महाराज पुलिस चैकी में पदस्थ ए.एस.आई. रमेश डामोर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की आरोपीगण सफेद रंग की मारूती अल्टो कार से डोडाचूरा को राजस्थान के किसी तस्कर को देने जाने वाले हैं। मुखबिर सूचना के आधार पर उनके द्वारा फोर्स सहित मुखबिर द्वारा बताये गये स्थान पर पँहुचकर घेराबंदी की गई जहां उन्हें सफेद रंग की अल्टो कार आती हुई दिखाई दी, जिसमें से एक आरोपी दशरथ पुलिस को देखकर मौके से भागने में सफल हो गया तथा फोर्स द्वारा गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी लिये जाने पर पीछली सीट पर प्लास्टीक के 8 कट्टों में 166 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा रखा हुआ था। मौके से डोडाचूरा व कार को जप्त कर व आरोपी फकीरचंद पिता हीरालाल रावत मीणा, उम्र-52 वर्ष को गिरफ्तार करके उनके विरूद्ध पुलिस थाना जावद में एनडीपीएस एक्ट में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया। इसके पश्चात् विवेचना के दौरान फरार आरोपी दशरथ पिता वजेराम पाटीदार, उम्र-52 वर्ष को गिरफ्तार कर उसे विशेष न्यायालय, जावद में प्रस्तुत किया गया।

गौरतलब है कि अभियोजन द्वारा न्यायालय में विचारण के दौरान विवेचक, जप्ती अधिकारी, फोर्स के सदस्यों सहित सभी आवश्यक गवाहों के बयान कराते हुवे आरोपीगण द्वारा अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा की तस्करी किये जाने के अपराध को प्रमाणित कराते हुए कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया, जिससे सहमत होकर माननीय न्यायालय द्वारा वर्तमान समाज विशेषकर युवाओं में फैल रही नशे की प्रवृत्ति देखते हुवे आरोपीगण को उपरोक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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