राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आह्वान के बाद राजधानी जयपुर में जिला प्रशासन ने पिछले जमाने की कुप्रथा ‘घूंघट’ के खिलाफ जन जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का नाम दिया गया था ‘घूंघट मुक्त जयपुर‘। इससे पहले मुख्यमंत्री ने आह्वान किया था कि घूंघट की कुप्रथा को खत्म किया जाए।
जिला प्रशासन के घूंघट मुक्त जयपुर अभियान का उद्देश्य नागरिकों को पीढ़ियों से चली आ रही इस कुप्रथा के बारे में लोगों को शिक्षित किया जाए ताकि समाज में महिला सशक्तिकरण और लैंगिक समानता का रास्ता साफ हो सके। यही नहीं, राज्य में आगामी पंचायत चुनाव में भी महिलाओं को चेहरा नहीं ढंकने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
सोशल मीडिया की भी मदद
यह जागरूकता अभियान वाट्सऐप और सोशल मीडिया वेबसाइटों, स्कूलों और गांवों में महिला ग्राम सभा के माध्यम से चलाया जाएगा। महिला सशक्तिकरण के डेप्युटी डायरेक्टर राजेश डोगीवाल ने कहा, ‘सभी सरकारी स्कूलों में स्कूली बच्चों के माता-पिता और संरक्षकों को बाल सभा के दौरान इस कुप्रथा के बारे में बताया जाएगा।’
वोट देते समय घूंघट से बचने पर जोर
डोगीवाल ने कहा, ‘गांवों में पंचायत चुनाव के दौरान महिलाओं को वोट देते समय घूंघट से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा। जागरूकता अभियान के तहत हरेक गुरुवार को ग्राम पंचायत स्तर पर एक महिला सभा का आयोजन किया जाएगा इसमें आंगनवाड़ी वर्कर्स को भी शामिल किया जाएगा।’ जयपुर के कलेक्टर जोगा राम ने कहा कि घूंघट मुक्त जयपुर की दिशा में यह पहली बैठक थी। उन्होंने कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के सभी तबके को साथ आना होगा।
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