0 शिक्षा, रोजगार और कृषि के लिए ठोस योजनाओं का अभाव
राजनांदगांव। युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष गुरभेज सिंह माखीजा ने साय सरकार के दूसरे बजट को निराशाजनक और दिशाहीन करार देते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं के साथ छलावा है। इसमें शिक्षा, रोजगार और कृषि के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, जिससे सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बजट पेश करते समय छत्तीसगढ़ के विकास की बात करने के बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा में अधिक समय व्यतीत किया। यह बजट आम जनता की अपेक्षाओं के विपरीत है, जिसमें युवाओं के रोजगार के संदर्भ में कोई रोडमैप नहीं दिखता, न ही महंगाई से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति है। स्वामी आत्मानंद स्कूलों, युवाओं के बेरोजगारी भत्ते, किसानों की आय बढ़ाने के लिए बजट में कुछ नहीं है।
श्री माखीजा ने कहा कि महिलाओं के लिए 500 रुपये में सिलेंडर देने के बारे में बजट में कोई प्रावधान नहीं है। पिछले बजट में 33,000 शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन एक भी भर्ती नहीं हो पाई। इस वर्ष फिर से 20,000 शिक्षकों की भर्ती की बात की जा रही है, जो केवल जुमलेबाजी प्रतीत होती है।
गुरभेज सिंह माखीजा ने कहा कि इस बजट में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य के लिए बजट में कोई नया प्रावधान नहीं है। मजदूरों और गरीबों की आमदनी बढ़ाने के लिए भी बजट में कोई ठोस योजना नहीं है। वित्त मंत्री अपने बजट भाषण में ठोस आर्थिक प्रावधानों के विपरीत केवल जुमलेबाजी कर रहे थे। 15 सालों तक रमन सरकार मेट्रो ट्रेन का झुनझुना पकड़ाती रही, अब फिर से साय सरकार ने नए सिरे से राज्य की जनता को मेट्रो ट्रेन का सपना दिखाया है। अपने ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा देखे गए रायपुर-राजनांदगांव मेट्रो ट्रेन के सपने को तोड़ दिया। वित्त मंत्री और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केवल रायपुर से दुर्ग तक के मेट्रो ट्रेन सर्वे की घोषणा की, लेकिन राजनांदगांव को इससे बाहर रखा गया। स्थानीय विधायक भी इस सर्वे को राजनांदगांव तक लाने में असफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश के विकास में भेदभाव किया है।
उन्होंने आगे कहा कि विश्वविद्यालयों की संख्या पर अपनी पीठ थपथपाने वाली साय सरकार ने अपने कार्यकाल में एक भी सरकारी विश्वविद्यालय नहीं खोला। महतारी वंदन में छूटी महिलाओं को जोड़ने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं है।
जिससे यह साफ हो गया है कि यह बजट युवाओं, गरीबों और महिलाओं के साथ छलावा है,
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