दुर्ग। भारती विश्वविद्यालय दुर्ग में महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। भाषण प्रतियोगिता का शीर्षक ‘ज्योतिबा फुलेः एक महान समाज सुधारक’ था। कार्यक्रम का प्रारंभ समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. स्नेह कुमार मेश्राम के विशेष व्याख्यान से हुआ। उन्होंने ज्योतिबा फुले के कृतार्थ और जातिगत तथा धर्मगत कुरीतियों को दूर करने के उनके आजीवन प्रयास का सारगर्भित उल्लेख किया। इसके पश्चात प्रतिभागियों ने अपने भाषण कौशल का प्रदर्शन करते हुए ज्योतिबा फुले के जातिगत भेदभाव एवं धार्मिक कुरीतियों के विरुद्ध जीवन संघर्ष को व्यक्त किया। साथ ही ज्योतिबा फुले द्वारा स्थापित ‘सत्यशोधक समाज’ तथा उनकी कालजयी रचना ‘गुलामगिरी’ का विश्लेषण भी विभिन्न प्रतिभागियों द्वारा किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिक्षा संकाय के छात्र तिलोचन वर्मा ने तथा द्वितीय स्थान एम.एस.सी. बॉटनी की छात्रा रवीना टंडन ने अर्जित किया। प्रतियोगिता के निर्णायक अन्य पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. गजेन्द्र कुमार तथा विभागाध्यक्ष जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग डॉ. गुरुसरन लाल रहे। कार्यक्रम का आयोजन अनुसूचित जाति एवं जनजाति प्रकोष्ठ सदस्य डॉ. रीना ठाकुर, डॉ. अंशुदीप खलखो तथा श्री अनिल टंडन के विशेष सहयोग से किया गया। कार्यक्रम से बड़ी संख्या में विद्यार्थी लाभान्वित हुए।
