Weather: छत्तीसगढ़ में मानसून ने एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य में अगले पांच दिनों तक तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि वज्रपात और मेघगर्जन के साथ कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश होगी। खासकर 12 अगस्त से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बरसात के आसार हैं।
बस्तर जिले के मशहूर चित्रकोट जलप्रपात के आसपास बारिश के बाद इंद्रावती नदी उफान पर है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज हुई है, जबकि कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। दुर्ग में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस और राजनांदगांव में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बारिश के ताज़ा आंकड़े बताते हैं कि करपावंड, वांड्राफनगर, मैनपुर, बस्तर, कुसमी और कोहकामेटा में करीब 7 सेंटीमीटर बारिश हुई है। वहीं ओरछा में 12 सेंटीमीटर, कुनकुरी में 6 सेंटीमीटर और बकावंड, कटेकल्याण, छोटेडोंगर, चलगली, जगदलपुर में लगभग 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। कई अन्य जगहों पर 1 से 4 सेंटीमीटर के बीच बारिश हुई है।
मौसम विभाग का महत्वपूर्ण अलर्ट
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ के ज्यादातर जिलों में व्यापक और लगातार बारिश होगी। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी बल्कि मौसम भी ठंडा और सुकूनदायक होगा। विभाग ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है ताकि बारिश, बिजली गिरने और जलभराव से कोई नुकसान न हो।
मानसून की ताजा स्थिति
इस बार मानसून पंजाब से लेकर उत्तर-पूर्व बंगाल तक फैला हुआ है। साथ ही बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटों पर समुद्र की सतह से 3.1 से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से लेकर दक्षिण बांग्लादेश तक एक और मानसून टर्फ फैला हुआ है। मानसून ब्रेक खत्म होने के बाद बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे किसानों और आम जनता को राहत मिलने वाली है।
