MP में शहडोल का कल्याणपुर बना सबसे ठंडा, पारा गिरकर 4.7°C तक पहुंचा; भोपाल-इंदौर में 7°C से कम, अगले 3 दिन शीतलहर का अलर्ट

भोपाल 

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में जारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश में भी महसूस किया जा रहा है. हालांकि सर्द हवाओं की रफ्तार अभी कम है, इसलिए अगले तीन दिन तक शीतलहर का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रदेश के शहरों के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. शनिवार रात को प्रदेश के शहडोल जिले का कल्याणपुर सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर भारत की ओर दो नए पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं. जिनके प्रभाव से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश का दौर जारी रहेगा. जैसे ही ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, बर्फ के पिघलने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर आएंगी. इससे एक बार फिर शीतलहर का दौर शुरू हो जाएगा.
इन जिलों में तापमान 10 डिग्री से नीचे

प्रदेश के करीब 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया है। राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, इंदौर में 5.9 डिग्री, भोपाल में 6.4 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया. इसके अलावा ग्वालियर में 9.8, मंदसौर में 6, शाजापुर में 6.4 और रीवा में पारा 7 डिग्री दर्ज किया गया. अन्य शहरों में भी कुछ ऐसा ही हालत है.

न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं
मौसम वैज्ञानिक दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, वर्तमान समय में एक सिनोप्टिक सिस्टम अपर और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के रूप में उत्तरी पाकिस्तान के ऊपर बना हुआ है. आने वाले दिनों में यह प्रदेश के ऊपर सक्रिय हो सकता है. इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी पश्चिमी हिमालय में सक्रिय होगा. अगले पांच दिनों में प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बदलाव नहीं होगा.

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इस जिले का तापमान सबसे कम
न्यूनतम तापमान: कल्याणपुर (शहडोल)- 4.7°C (सबसे कम), राजगढ़/पचमढ़ी (नर्मदापुरम)- 5.4°C, इंदौर- 5.9°C, मंदसौर- 6°C, गिरवर (शाजापुर)- 6.4°C

बड़े शहरों का न्यूनतम तापमान
ग्वालियर- 9.8°C
उज्जैन- 9.2°C
जबलपुर- 8.5°C
भोपाल- 6.4°C
इंदौर- 5.9°C

एमपी के 25 शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की रात में प्रदेश के 25 शहरों में रात का पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। 5 बड़े शहरों में इंदौर में सबसे कम 5.9 डिग्री रहा। भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

शहडोल के कल्याणपुर में पारा 4.7 डिग्री रहा। वहीं, राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री, रायसेन-नौगांव में 7.6 डिग्री, मलाजखंड में 7.9 डिग्री, मंडला-शिवपुरी में 8.2 डिग्री, दतिया में 8.4 डिग्री, बैतूल में 9 डिग्री, दमोह, सतना, टीकमगढ़ और खजुराहो में तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

जेट स्ट्रीम की रफ्तार 176 किमी प्रतिघंटा वर्तमान में जेट स्ट्रीम भी चल रही है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में जेट स्ट्रीम का असर है। यह जमीन से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 176 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बह रही है। जिसका असर एमपी में भी है।

क्या होती है जेट स्ट्रीम? मौसम एक्सपर्ट की माने तो प्रदेश में ठंड बढ़ने की वजह खास वजह जेट स्ट्रीम भी है। यह जमीन से लगभग 12 किमी ऊंचाई पर चलने वाली तेज हवा है। इस बार रफ्तार 222 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है। यह देश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय है।

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पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवा के अलावा ये ऊंची हवा सर्दी बढ़ा रही है। उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा हमारे यहां आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है।

दो नए सिस्टम बढ़ाएंगे ठंड का असर
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत की ओर दो और पश्चिमी विक्षोभ बढ़ रहे हैं। इनके असर से पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश जारी रहेगी। जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, तब जमी हुई बर्फ पिघलेगी और उत्तर से ठंडी हवाएं मध्यप्रदेश की ओर बढ़ेंगी। इसके बाद एक बार फिर प्रदेश में कोल्ड वेव यानी शीतलहर की वापसी होगी।

25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे पारा
प्रदेश के 25 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो इंदौर में पारा 5.9 डिग्री रहा, भोपाल में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9.8 डिग्री, उज्जैन में 9.2 डिग्री और जबलपुर में 8.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। इसके अलावा राजगढ़-पचमढ़ी में 5.4 डिग्री, मंदसौर में 6 डिग्री, शाजापुर में 6.4 डिग्री, रीवा में 7 डिग्री और कई अन्य जिलों में रात का तापमान 7 से 9 डिग्री के बीच बना रहा।

ऊपर आसमान में तेज जेट स्ट्रीम
मौसम में ठंड बनाए रखने में जेट स्ट्रीम की भी अहम भूमिका है। वर्तमान में उत्तर भारत के ऊपर जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर जेट स्ट्रीम करीब 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। इसका प्रभाव मध्यप्रदेश तक महसूस किया जा रहा है। कुछ समय पहले इसकी रफ्तार 222 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक जेट स्ट्रीम ऊंचाई पर चलने वाली बेहद तेज हवा होती है। जब पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ इसका मेल होता है, तब ठंड का असर कई गुना बढ़ जाता है।

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नवंबर में ही टूट चुके रिकॉर्ड
इस सीजन में ठंड ने नवंबर में ही पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर रहा। 17 नवंबर की रात भोपाल का तापमान 5.2 डिग्री तक गिर गया, जो अब तक का सबसे कम रिकॉर्ड है। इंदौर में भी 25 साल बाद नवंबर में पारा 6.4 डिग्री तक पहुंचा।

दिसंबर-जनवरी में ठंड का असली दौर
मौसम विभाग का कहना है कि जिस तरह मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, उसी तरह ठंड के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने माने जाते हैं। इन्हीं महीनों में उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाएं सबसे ज्यादा असर दिखाती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से मावठा गिरने की संभावना भी रहती है, जिससे दिन में भी ठंड बढ़ेगी। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर में कई बार कोल्ड वेव का असर देखने को मिलेगा, जबकि जनवरी में यह दौर 20 से 22 दिन तक खिंच सकता है।

 

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