भोपाल में ईरानी डेरे का अवैध साम्राज्य टूटेगा, बुलडोजर से होगी हिस्ट्रीशीटर राजू की संपत्ति की कुर्की

भोपाल 

राजधानी भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर पुलिस और प्रशासन के निशाने पर है। वर्षों से अवैध गतिविधियों और अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में पहचाने जाने वाले इस इलाके में बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। अवैध निर्माणों को जमींदोज करने के लिए बुलडोजर (Bulldozer Action) चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है, वहीं हिस्ट्रीशीटरों की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अतिक्रमण हटाना है, बल्कि अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश देना भी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था

ईरानी डेरा लंबे समय से हिस्ट्रीशीटर और संगठित अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कुख्यात बदमाश राजू है, जिसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

अन्य राज्यों की पुलिस भी सतर्क

भोपाल पुलिस द्वारा शुरू की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद देश के अन्य राज्यों की पुलिस भी सतर्क हो गई है और आपसी समन्वय के साथ जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान समय में अमरावती (महाराष्ट्र), श्रीगंगानगर (राजस्थान), झालावाड़ और बड़वानी से पुलिस की विशेष टीमें भोपाल पहुंच चुकी हैं।

इन राज्यों की पुलिस को भी ईरानी डेरे से जुड़े अपराधियों की कई संगीन मामलों में तलाश है, जिनमें संगठित अपराध, अवैध वसूली और हिंसक गतिविधियां शामिल हैं।

कुख्यात बदमाशों का सेफ हाउस बना ईरानी डेरा

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक ईरानी डेरा लंबे समय से कुख्यात अपराधियों का सुरक्षित अड्डा रहा है। यहां रहने वाले गैंग के सदस्य मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में चोरी, लूट और ठगी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। वारदात के बाद आरोपी यहीं लौटकर छिप जाते थे, जिससे यह इलाका पुलिस के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Inputs) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस काफी समय से इस डेरे पर नजर बनाए हुए थी।

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कॉम्बिंग गश्त में 32 आरोपी गिरफ्तार

रविवार 28 दिसंबर को भोपाल पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त (Combing Operation) के तहत ईरानी डेरे को चारों ओर से घेरकर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में 10 महिलाओं सहित कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह वही डेरा है जिसे देशभर की चोरी और लूट की वारदातों का सेफ हाउस माना जाता रहा है।

हिस्ट्रीशीटर राजू ईरानी मास्टरमाइंड

पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हिस्ट्रीशीटर राजू ईरानी है। उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके और उसके सहयोगियों की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। अवैध तरीके से खड़ी की गई संपत्ति को कुर्क (Property Seizure) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

21 चोरी की बाइक बरामद

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 21 महंगी बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों की कीमत 70 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक बताई जा रही है। बरामद मोटरसाइकिलों में स्पोर्ट्स और लग्जरी सेगमेंट की बाइक शामिल हैं। कई बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी, ताकि उनकी पहचान न हो सके। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई बाइक अन्य राज्यों से चोरी की गई थीं और उन्हें ईरानी डेरे में छिपाकर रखा गया था।

बाहरी राज्यों की पुलिस टीमें भी सक्रिय

ईरानी डेरे का नेटवर्क अन्य राज्यों से भी जुड़ा होने के चलते कार्रवाई के बाद बाहरी पुलिस टीमें भी भोपाल पहुंच गई हैं। अमरावती, श्रीगंगानगर, झालावाड़ और बड़वानी से आई पुलिस टीमें जांच में सहयोग कर रही हैं। अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

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अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर

पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासन ने ईरानी डेरे में बने अवैध निर्माणों को भी चिन्हित कर लिया है। संबंधित विभागों ने दस्तावेजों की जांच के बाद बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। प्रशासन का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए सभी अवैध ढांचों को हटाया जाएगा और क्षेत्र को अपराध मुक्त करने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।

संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू

प्रशासन की कार्रवाई केवल अवैध निर्माण गिराने तक सीमित नहीं है। मास्टरमाइंड राजू और उसके सहयोगियों की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के आर्थिक ढांचे को तोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के नेटवर्क दोबारा खड़े न हो सकें। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जल्द ही चिन्हित स्थानों पर अतिक्रमण हटाने और कानून व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई की जाएगी।

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